🩺 Docvani — हिंदी | Indore | लक्षण और पहचान
लेखक: डॉ. प्रतीक पोरवाल (Dr. Prateek Porwal), MBBS, DNB (ENT), CAMVD | अनुभव: 13+ वर्ष
Prime ENT Center — online consultation available
✅ Dr. Prateek Porwal (MBBS, DNB (ENT), CAMVD) द्वारा चिकित्सकीय समीक्षा — 2026-04-10 | अंतिम चिकित्सा समीक्षा: 2026-04-10
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कान की मशीन क्यों होता है — इंदौर
अगर आपको अक्सर ऐसा महसूस होता है कि लोग बुदबुदा रहे हैं, या भीड़ वाली जगह पर बातें ठीक से सुनाई नहीं देतीं, तो यह काफी परेशान करने वाली स्थिति हो सकती है। यह दिक्कत आपकी रोज़मर्रा की बातचीत, काम पर एकाग्रता और सामाजिक मेलजोल को बहुत प्रभावित कर सकती है। मेरे Prime ENT Center में इंदौर, उज्जैन और देवास से ऐसे कई मरीज़ आते हैं जो बताते हैं कि उन्हें टीवी की आवाज़ तेज़ करनी पड़ती है या बार-बार लोगों से बात दोहराने के लिए कहना पड़ता है।
ऐसे में कान की मशीन आपके लिए एक बहुत बड़ा सहारा बन सकती है।
अभी क्या करें?
- घर पर राहत: अगर आपको लगता है कि सुनने में दिक्कत अचानक बढ़ी है, तो पहले अपने कानों को किसी भी तरह की नमी या धूल से बचाएं। कान में कोई भी नुकीली चीज़ या तेल डालने से बचें। शांत जगह पर बैठकर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करें, इससे थोड़ी देर के लिए मानसिक तनाव कम हो सकता है।
- डॉक्टर को दिखाएं: अगर आपको लगातार सुनने में परेशानी हो रही है, खासकर अगर यह एक कान में ज़्यादा है या इसके साथ चक्कर या कान में दर्द भी है, तो तुरंत ENT specialist से मिलें। बिना जांच के कान की मशीन लेने की कोशिश न करें।
- तुरंत जाएं: अगर आपको अचानक एक कान से बिल्कुल सुनाई देना बंद हो जाए, या कान से मवाद या खून निकलने लगे, तो बिना एक पल की भी देरी किए डॉक्टर के पास जाएं। यह एक गंभीर स्थिति हो सकती है जिसके लिए तुरंत इलाज की ज़रूरत होती है।
कान की सुनने वाली मशीन कितने रुपए की आती है?
कान की मशीन मुख्य रूप से तीन प्रकार की होती हैं:
* BTE: ये कान के पीछे लगाई जाती हैं और एक पतली ट्यूब से कान के अंदर ध्वनि पहुंचाती हैं। ये सबसे आम और शक्तिशाली होती हैं।
* RIC: ये BTE जैसी ही होती हैं, लेकिन इनका स्पीकर कान के अंदर होता है, जिससे ये ज़्यादा छोटी और कम दिखाई देती हैं।

- ITE/CIC (In-The-Ear/Completely-In-Canal): ये सीधे कान के अंदर फिट होती हैं और लगभग अदृश्य होती हैं। ये कॉस्मेटिक रूप से ज़्यादा पसंद की जाती हैं।
तुरंत डॉक्टर के पास कब जाएं?
कुछ ऐसे लक्षण होते हैं जिन्हें बिल्कुल भी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकते हैं। अगर आपको इनमें से कोई भी दिक्कत महसूस हो, तो बिना देर किए डॉक्टर के पास जाना चाहिए:
- कान की मशीन से कोई फायदा न होना: अगर सही फिटिंग के बावजूद आपको कान की मशीन से सुनने में कोई सुधार महसूस नहीं हो रहा है, तो यह Auditory processing disorder, auditory neuropathy या retrocochlear pathology जैसी किसी और समस्या का संकेत हो सकता है।
- एक कान में अचानक सुनाई देना कम होना: अगर आपको अचानक (कुछ घंटों या दिनों में) एक कान से सुनाई देना कम हो जाए, तो यह एक मेडिकल इमरजेंसी है। इसे Sudden sensorineural hearing loss कहते हैं और इसके लिए तुरंत इलाज की ज़रूरत होती है।
- एक कान में लगातार सीटी या घंटी बजना: अगर आपको सिर्फ एक कान में लगातार सीटी या घंटी बजने की आवाज़ आती है, खासकर अगर इसके साथ सुनने में भी दिक्कत हो, तो यह vestibular schwannoma जैसी किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।
Hearing Aid कान की मशीन के लक्षण
सुनने में दिक्कत के कई लक्षण हो सकते हैं, जिन्हें पहचानना बहुत ज़रूरी है ताकि सही समय पर “कान में मशीन लगवाना” या “hearing aid लगाना” जैसे कदम उठाए जा सकें।
- बातचीत समझने में परेशानी, खासकर शोरगुल वाली जगहों पर: जब आप किसी भीड़ वाली जगह पर होते हैं, जैसे इंदौर के सर्राफा बाज़ार में या किसी शादी में, तो आपको लोगों की बातें ठीक से सुनाई नहीं देतीं। Cochlear hair cell के डैमेज होने से शोर में आवाज़ों को अलग करना मुश्किल हो जाता है।
- लोगों से बार-बार बात दोहराने के लिए कहना: आपको अक्सर लोगों से कहना पड़ता है कि वे अपनी बात दोहराएं, खासकर जब वे धीरे बोल रहे हों। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि speech sounds, खासकर high-frequency consonants, ठीक से सुनाई नहीं देते।
- टेलीविजन या रेडियो की आवाज़ बहुत तेज़ करना: घर के बाकी सदस्यों को टीवी या रेडियो की आवाज़ बहुत तेज़ लगती है, जबकि आपको वह सामान्य लगती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपको आवाज़ सुनने के लिए ज़्यादा वॉल्यूम की ज़रूरत होती है।
- सामाजिक मेलजोल से बचना और ग्रुप बातचीत से दूर रहना: सुनने में दिक्कत के कारण लोग अक्सर सामाजिक कार्यक्रमों या ग्रुप बातचीत से बचने लगते हैं। उन्हें लगता है कि वे बातें ठीक से समझ नहीं पाएंगे या उन्हें बार-बार पूछना पड़ेगा, जिससे शर्मिंदगी महसूस होती है।
- कान में घंटी, भनभनाहट या सीटी जैसी आवाज़: आपको अपने कानों में लगातार एक अजीब सी आवाज़ सुनाई देती है, भले ही आसपास कोई शोर न हो। सुनने की क्षमता कम होने पर दिमाग आवाज़ों को ज़्यादा बढ़ाने लगता है, जिससे tinnitus हो सकता है।
- बच्चों में बोलने और भाषा के विकास में देरी: छोटे बच्चों में अगर सुनने की दिक्कत होती है, तो वे ठीक से बोलना नहीं सीख पाते। 0-3 साल की उम्र भाषा सीखने के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है, और इस दौरान सुनने में कमी से भाषा का विकास बुरी तरह प्रभावित होता है।
Hearing Aid कान की मशीन के कारण
सुनने में कमी के कई कारण हो सकते हैं, और यह समझना ज़रूरी है कि “कान की मशीन” किन कारणों से होने वाली सुनने की कमी में मदद कर सकती है।
- उम्र से संबंधित सुनने में कमी: यह वयस्कों में सुनने में कमी का सबसे आम कारण है। उम्र बढ़ने के साथ कान के अंदर के cochlear hair cells धीरे-धीरे खराब होने लगते हैं, जिससे पहले high frequencies की आवाज़ें सुनाई देना कम हो जाती हैं।
- शोर के कारण सुनने में कमी: तेज़ आवाज़ों के लगातार संपर्क में रहने से कान के hair cells डैमेज हो जाते हैं। इंदौर जैसे शहरों में ट्रैफिक का शोर, फैक्ट्रियों का शोर या तेज़ संगीत सुनने से भी यह समस्या हो सकती है।
- जन्मजात sensorineural hearing loss: कुछ बच्चों में जन्म से ही सुनने में कमी होती है। इसके कारण आनुवंशिक हो सकते हैं, या गर्भावस्था के दौरान किसी इन्फेक्शन (जैसे CMV, rubella) के कारण भी हो सकता है।
- पुरानी कान की बीमारी या conductive hearing loss: अगर कान के पर्दे में छेद हो या बीच वाले कान में कोई दिक्कत हो और सर्जरी संभव न हो, तो कान की मशीन आवाज़ को बढ़ाकर सुनने में मदद कर सकती है।
- Otosclerosis: यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें कान की छोटी हड्डियां कठोर हो जाती हैं, जिससे आवाज़ ठीक से अंदर नहीं जा पाती। अगर सर्जरी संभव न हो या मरीज़ न चाहे, तो कान की मशीन एक अच्छा विकल्प हो सकती है।
इंदौर में इस समस्या के स्थानीय कारण
इंदौर में रहने वाले लोगों को कुछ स्थानीय कारणों से सुनने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है:
- तेज़ आवाज़ का प्रदूषण: इंदौर में ट्रैफिक का शोर, कंस्ट्रक्शन और त्योहारों के दौरान तेज़ संगीत का इस्तेमाल बहुत आम है। यह लगातार तेज़ आवाज़ कान के hair cells को नुकसान पहुंचा सकती है।
- वायु प्रदूषण: सर्दियों में इंदौर की हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। वायु प्रदूषण सीधे सुनने की क्षमता को प्रभावित नहीं करता, लेकिन यह ऊपरी श्वसन पथ के इन्फेक्शन को बढ़ा सकता है, जो कान की समस्याओं को जन्म दे सकता है।
- नमी और कान के इन्फेक्शन: मानसून के दौरान इंदौर में नमी बढ़ जाती है। नमी वाले वातावरण में कान के इन्फेक्शन, खासकर फंगल इन्फेक्शन, होने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे सुनने में अस्थायी कमी आ सकती है।
- औद्योगिक क्षेत्र का प्रभाव: पीथमपुर और देवास जैसे आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले लोग अक्सर तेज़ मशीनों के शोर के संपर्क में आते हैं, जिससे उन्हें noise-induced hearing loss का खतरा ज़्यादा होता है।
जांच और निदान
जब आप सुनने में दिक्कत के लिए मेरे clinic में आते हैं, तो सबसे पहले मैं आपकी पूरी बात सुनता हूँ। मैं आपसे आपके लक्षणों, उनकी शुरुआत और आपके मेडिकल इतिहास के बारे में पूछता हूँ। इसके बाद, मैं कुछ जांच करता हूँ ताकि यह पता चल सके कि आपकी सुनने की समस्या का कारण क्या है और “कान की मशीन” आपके लिए कितनी फायदेमंद हो सकती है।
- Otoscopy: सबसे पहले मैं एक छोटी दूरबीन से आपके कान के बाहरी हिस्से और कान के पर्दे की जांच करता हूँ। इससे यह पता चलता है कि कान में कोई वैक्स, इन्फेक्शन या पर्दे में छेद तो नहीं है।
- Pure Tone Audiometry (PTA) (सुनने की जांच): यह सबसे महत्वपूर्ण जांच है। इसमें आपको हेडफोन लगाकर अलग-अलग फ्रीक्वेंसी की आवाज़ें सुनाई जाती हैं और आपको बताना होता है कि आपको कब आवाज़ सुनाई दी। यह जांच आपकी सुनने की क्षमता के प्रकार और उसकी गंभीरता को बताती है।
- Speech Audiometry: इस जांच में आपको अलग-अलग वॉल्यूम पर शब्द सुनाए जाते हैं और आपको उन्हें दोहराना होता है। यह बताता है कि आप वास्तविक दुनिया में बातचीत को कितना समझ पाते हैं और कान की मशीन से आपको कितना फायदा हो सकता है।
- Tympanometry: यह जांच कान के पर्दे की गति और मध्य कान के दबाव को मापती है। इससे यह पता चलता है कि मध्य कान में कोई तरल पदार्थ या अन्य समस्या तो नहीं है जो सुनने में बाधा डाल रही हो।
- Real-ear measurement (REM): अगर आप कान की मशीन लेने का फैसला करते हैं, तो यह जांच मशीन की फिटिंग को वेरीफाई करने के लिए की जाती है। यह सुनिश्चित करता है कि मशीन आपके कान के अंदर सही मात्रा में आवाज़ पहुंचा रही है।
इन सभी जांचों के बाद ही मैं आपको सही “कान की मशीन” के बारे में सलाह दे पाता हूँ।
इलाज के विकल्प
सुनने में कमी का इलाज उसके कारण और गंभीरता पर निर्भर करता है। “कान की मशीन” कई तरह की सुनने की समस्याओं के लिए प्राथमिक इलाज है।
डॉक्टर का इलाज
अगर सुनने में कमी का कारण कोई इन्फेक्शन या वैक्स है, तो डॉक्टर पहले उसका इलाज करते हैं। इन्फेक्शन के लिए आपको एंटीबायोटिक या एंटीफंगल ड्रॉप्स दी जा सकती हैं, और वैक्स को सुरक्षित तरीके से निकाला जाता है। अगर सुनने में कमी sensorineural है, तो डॉक्टर डिजिटल कान की मशीन लगाने की सलाह देते हैं।
ये मशीनें आपकी audiogram के हिसाब से प्रोग्राम की जाती हैं ताकि आपको सबसे अच्छा फायदा मिल सके। WHO guidelines के अनुसार, सुनने में कमी के लिए कान की मशीन एक प्रभावी उपाय है।
सर्जरी कब?
कुछ खास मामलों में ही सर्जरी की ज़रूरत पड़ती है। अगर सुनने में कमी का कारण कान के पर्दे में बड़ा छेद, कान की हड्डियों में दिक्कत (जैसे otosclerosis) या cholesteatoma जैसी कोई समस्या हो, तो सर्जरी पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, ज़्यादातर sensorineural hearing loss के लिए “कान की मशीन” ही मुख्य इलाज है।
अगर सुनने में कमी बहुत ज़्यादा हो और कान की मशीन से भी फायदा न हो, तो Cochlear implant जैसी सर्जरी का विकल्प भी होता है, जिसके लिए आपको आगे रेफर किया जा सकता है।
घर पर क्या करें, क्या न करें?
कान की मशीन का सही इस्तेमाल और देखभाल बहुत ज़रूरी है ताकि आपको इसका पूरा फायदा मिल सके और यह लंबे समय तक चले।
क्या करें
- कान की मशीन को पूरे दिन पहनें: अपनी कान की मशीन को जागते समय हमेशा पहने रहें। इससे आपका दिमाग नई आवाज़ों के साथ तालमेल बिठा पाता है और सुनने की क्षमता में सुधार होता है।
- रोज़ाना साफ करें: अपनी कान की मशीन को रोज़ाना एक मुलायम कपड़े से पोंछें और रिसीवर से वैक्स को सावधानी से हटाएँ। इससे मशीन की लाइफ बढ़ती है और इन्फेक्शन का खतरा कम होता है।
- मशीन को सूखा रखें: नहाने, तैरने या सोने से पहले कान की मशीन को निकाल दें। नमी से मशीन को नुकसान हो सकता है।
- फॉलो-अप अपॉइंटमेंट पर जाएं: अपने audiologist या ENT specialist के साथ नियमित फॉलो-अप अपॉइंटमेंट पर जाएं। वे मशीन की सेटिंग को एडजस्ट कर सकते हैं और किसी भी समस्या को हल कर सकते हैं।
क्या न करें
- गीले या धूल भरे वातावरण में न पहनें: अपनी कान की मशीन को बिना सुरक्षा के बारिश, धूल या बहुत ज़्यादा नमी वाली जगहों पर न पहनें। इससे मशीन खराब हो सकती है।
- दूसरों के साथ शेयर न करें: अपनी कान की मशीन किसी और के साथ शेयर न करें। यह आपके कान के हिसाब से बनी होती है और दूसरे व्यक्ति के लिए सही नहीं होगी, साथ ही इन्फेक्शन भी फैल सकता है।
- बच्चों को बैटरी से दूर रखें: कान की मशीन की छोटी बैटरियां बच्चों के लिए खतरनाक हो सकती हैं। उन्हें निगलने या दम घुटने का खतरा होता है, इसलिए उन्हें बच्चों की पहुंच से दूर रखें।
- कान में इन्फेक्शन होने पर न पहनें: अगर आपके कान से मवाद निकल रहा है या कोई इन्फेक्शन है, तो डॉक्टर की सलाह के बिना कान की मशीन न पहनें। इससे इन्फेक्शन और बिगड़ सकता है।
बचाव
सुनने की क्षमता को बचाना और कान की मशीन की ज़रूरत को कम करना बहुत ज़रूरी है। इंदौर में रहते हुए आप कुछ बातों का ध्यान रखकर अपनी सुनने की क्षमता को बेहतर रख सकते हैं:
- शोर से बचें: इंदौर में ट्रैफिक और कंस्ट्रक्शन का शोर काफी होता है। तेज़ आवाज़ वाली जगहों पर जाते समय ईयरप्लग या ईयरमफ्स का इस्तेमाल करें। यह noise-induced hearing loss से बचाता है।
- कानों की नियमित जांच करवाएं: अगर आपको लगता है कि आपकी सुनने की क्षमता कम हो रही है, तो नियमित रूप से ENT specialist से जांच करवाएं। खासकर अगर आप औद्योगिक क्षेत्रों जैसे पीथमपुर या धार के आसपास काम करते हैं।
- कानों को सूखा और साफ रखें: नहाते समय या बारिश में कान में पानी जाने से बचाएं। कान में इन्फेक्शन से बचने के लिए कानों को सूखा रखें।
- कान में कुछ भी न डालें: कान में वैक्स निकालने के लिए ईयरबड्स या कोई नुकीली चीज़ न डालें। इससे कान के पर्दे को नुकसान हो सकता है और इन्फेक्शन हो सकता है।
- संतुलित आहार लें: एक स्वस्थ और संतुलित आहार लें। कुछ विटामिन और मिनरल्स कान के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।
अस्वीकरण
यह लेख सिर्फ शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह से डॉक्टर की सलाह, जांच या इलाज की जगह नहीं ले सकता। कोई भी दवाई या इलाज अपने डॉक्टर की सलाह के बिना शुरू या बंद न करें।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कान की मशीन क्या है और यह कैसे काम करता है?
हियरिंग एड एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जिसे आवाज़ को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे सुनने की क्षमता में कमी की भरपाई होती है। यह एक माइक्रोफोन का उपयोग करके आवाज़ों को पकड़ता है, जिन्हें फिर एक डिजिटल चिप द्वारा आपकी विशिष्ट सुनने की क्षमता के पैटर्न के अनुसार संसाधित और बढ़ाया जाता है। यह बढ़ी हुई आवाज़ फिर आपके कान में पहुंचाई जाती है, जिससे बातचीत और अन्य आवाज़ें ज़्यादा स्पष्ट और सुनने में आसान हो जाती हैं।
कान की मशीन के साथ भी मुझे शोर वाली जगहों पर सुनने में परेशानी क्यों होती है?
हियरिंग एड के साथ भी शोरगुल वाले माहौल में दिक्कत महसूस होना आम बात है, क्योंकि वे आपके कान की पृष्ठभूमि के शोर को छानने की प्राकृतिक क्षमता को पूरी तरह से बहाल नहीं कर सकते। कान में क्षतिग्रस्त हेयर सेल्स आपके दिमाग के लिए बातचीत को अन्य आवाज़ों से अलग करना मुश्किल बना देते हैं। FM सिस्टम या रिमोट माइक्रोफोन जैसे सहायक उपकरणों का उपयोग करने से वक्ता की आवाज़ सीधे आपके हियरिंग एड में भेजकर काफी मदद मिल सकती है।
मेरा कान की मशीन पहले जैसा काम क्यों नहीं कर रहा है?
कई कारक आपके हियरिंग एड को कम प्रभावी बना सकते हैं, जैसे बैटरी कम होना, डिवाइस में कान का मैल जमा होना, या आपके कान नहर में भी मैल होना। कभी-कभी, हियरिंग एड को खुद सफाई या थोड़े से समायोजन की ज़रूरत हो सकती है। यदि सफाई और बैटरी बदलने से मदद नहीं मिलती है, या यदि आपको कान से कोई स्राव दिखता है, तो जांच के लिए अपने audiologist या ENT विशेषज्ञ से मिलना महत्वपूर्ण है।
क्या कोई कारण हैं जिनकी वजह से मैं कान की मशीन नहीं पहन पाऊंगा?
हालांकि हियरिंग एड सुनने की क्षमता में कमी वाले अधिकांश लोगों के लिए उपयुक्त होते हैं, लेकिन कुछ खास स्थितियां ऐसी होती हैं जहाँ वे सबसे अच्छा विकल्प नहीं हो सकते। उदाहरण के लिए, यदि आपको कान से लगातार स्राव होता है,
तो एक पारंपरिक हियरिंग एड स्थिति को खराब कर सकता है, और बोन कंडक्शन डिवाइस जैसे अन्य समाधानों पर विचार किया जा सकता है। साथ ही, यदि आपकी सुनने की क्षमता बहुत गंभीर है या कुछ जटिल स्थितियों के कारण है, तो cochlear implant ज़्यादा प्रभावी उपचार हो सकता है।
कान की मशीन लेने से पहले कौन से टेस्ट किए जाते हैं?
हियरिंग एड लेने से पहले, आपकी सुनने की क्षमता का सटीक आकलन करने के लिए आमतौर पर कई नैदानिक परीक्षण किए जाते हैं। इनमें प्योर टोन audiometry शामिल है, जो विभिन्न आवृत्तियों पर आपकी सुनने की सीमा को मापता है, और स्पीच audiometry, जो बातचीत को समझने की आपकी क्षमता का मूल्यांकन करता है। आपके मध्य कान के कार्य की जांच के लिए Tympanometry भी किया जा सकता है, जिससे हियरिंग एड की सबसे अच्छी फिटिंग सुनिश्चित हो सके।
कान की मशीन फिट करवाने में क्या शामिल होता है?
हियरिंग एड की फिटिंग में आपके audiogram परिणामों के आधार पर, डिवाइस को आपकी व्यक्तिगत सुनने की क्षमता के पैटर्न के अनुसार सटीक रूप से प्रोग्राम करना शामिल है। आपके audiologist यह सत्यापित करने के लिए real-ear measurements का उपयोग करेंगे कि हियरिंग एड सीधे आपके कान के परदे पर सही प्रवर्धन प्रदान कर रहा है। अक्सर, बेहतर ध्वनि स्थानीयकरण और बातचीत को समझने के लिए दोनों कानों में फिटिंग को प्राथमिकता दी जाती है, खासकर शोरगुल वाले वातावरण में।
अपने ENT specialist से ज़रूर मिलें।
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⚕️ मेडिकल डिस्क्लेमर
यह जानकारी शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। यह डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। अपनी स्वास्थ्य समस्या के लिए हमेशा ENT विशेषज्ञ से मिलें।
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