🩺 Docvani — हिंदी | Noida | लक्षण और पहचान
लेखक: डॉ. प्रतीक पोरवाल (Dr. Prateek Porwal), MBBS, DNB (ENT), CAMVD | अनुभव: 13+ वर्ष
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✅ Dr. Prateek Porwal (MBBS, DNB (ENT), CAMVD) द्वारा चिकित्सकीय समीक्षा — 2026-04-10 | अंतिम चिकित्सा समीक्षा: 2026-04-10
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कान का इन्फेक्शन क्यों होता है — नोएडा
अगर आपके या आपके बच्चे के कान में दर्द है, कान से कुछ बह रहा है, या कान में खुजली हो रही है, तो यह स्थिति काफी परेशान करने वाली हो सकती है। दरअसल, यह दर्द और बेचैनी आपकी नींद, बच्चों की पढ़ाई और रोज़मर्रा के कामों पर बुरा असर डाल सकती है। मेरे clinic में नोएडा और इसके आस-पास के इलाकों जैसे गाज़ियाबाद, दिल्ली, फ़रीदाबाद और गुरुग्राम से ऐसे कई मरीज़ आते हैं, जो कान के इन्फेक्शन (जिसे डॉक्टरी भाषा में Otitis Media कहते हैं) की शिकायत करते हैं।
अभी क्या करें
- घर पर राहत: अगर कान में दर्द है, तो एक साफ़ कपड़े को गुनगुने पानी में भिगोकर कान के बाहरी हिस्से पर हल्के से सिकाई करें। दर्द कम करने के लिए डॉक्टर की सलाह से दर्द की दवाई ले सकते हैं। कान में कुछ भी डालने से बचें।
- डॉक्टर को दिखाएं: अगर कान का दर्द 2-3 दिन से ज़्यादा रहे, बुखार हो, कान से मवाद या पानी बहना शुरू हो जाए, या सुनने में दिक्कत महसूस हो, तो तुरंत ENT specialist से मिलें।
- तुरंत जाएं: अगर कान के पीछे सूजन आ जाए, चेहरे पर कमज़ोरी महसूस हो, बहुत तेज़ सिरदर्द हो, या चक्कर के साथ उल्टी आए, तो बिना देर किए इमरजेंसी में डॉक्टर के पास जाएं।
कान बहता है तो कैसे ठीक होगा?
कान का बहना, जिसे कान का इन्फेक्शन या कान पकना भी कहते हैं, एक आम समस्या है, खासकर बच्चों में। नोएडा जैसे शहर में प्रदूषण और बदलते मौसम के कारण यह समस्या और बढ़ सकती है। जब कान से पानी या मवाद बहना शुरू होता है, तो इसका मतलब है कि कान के अंदर इन्फेक्शन है और हो सकता है कि कान के पर्दे में छोटा सा छेद हो गया हो।
ऐसे में सबसे पहले किसी भी तरह की ड्रॉप्स या घरेलू नुस्खे आज़माने से बचें, क्योंकि इससे इन्फेक्शन और बढ़ सकता है।

कान बहने पर सबसे पहले एक ENT specialist से जांच करवाना ज़रूरी है। डॉक्टर Otoscopy करके देखेंगे कि इन्फेक्शन कितना है और कान के पर्दे की क्या स्थिति है। अगर इन्फेक्शन बैक्टीरियल है, तो डॉक्टर एंटीबायोटिक दवाई दे सकते हैं।
अगर कान से मवाद बह रहा है, तो कुछ खास एंटीबायोटिक कान की ड्रॉप्स भी दी जा सकती हैं, लेकिन यह हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही लें।
तुरंत डॉक्टर के पास कब जाएं?
कुछ लक्षण ऐसे होते हैं जिन्हें बिल्कुल भी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकते हैं। अगर आपको या आपके बच्चे को कान के इन्फेक्शन के साथ इनमें से कोई भी लक्षण दिखे, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं:
- कान के पीछे सूजन: अगर कान के पीछे या कान के नीचे हड्डी पर सूजन या लाली दिखे, तो यह mastoiditis का संकेत हो सकता है, जो एक गंभीर इन्फेक्शन है और इसमें तुरंत इलाज की ज़रूरत होती है।
- चेहरे पर कमज़ोरी: अगर कान के दर्द के साथ चेहरे के एक तरफ कमज़ोरी महसूस हो, जैसे आँख बंद करने में दिक्कत या मुँह टेढ़ा होना, तो यह facial palsy का लक्षण हो सकता है, जो कान के इन्फेक्शन की एक जटिलता है।
- तेज़ सिरदर्द, मानसिक स्थिति में बदलाव या दौरे: अगर कान के इन्फेक्शन के साथ तेज़ सिरदर्द हो, मरीज़ भ्रमित लगे, या दौरे पड़ें, तो यह इन्फेक्शन के दिमाग तक फैलने का संकेत हो सकता है, जैसे meningitis या brain abscess। यह एक मेडिकल इमरजेंसी है।
- एक कान से लगातार पानी बहना (वयस्कों में): अगर किसी वयस्क को सिर्फ एक कान से लगातार पानी बह रहा है और सुनने में भी दिक्कत हो रही है, तो यह Eustachian tube में रुकावट के कारण हो सकता है। कुछ मामलों में, यह nasopharyngeal carcinoma जैसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है, जिसकी जांच बहुत ज़रूरी है।
- गर्मेट डालने के बाद भी साफ़ पानी बहना: अगर कान में grommet डालने के बाद भी साफ़ पानी बहता रहे, तो यह CSF leak का संकेत हो सकता है, जो एक गंभीर स्थिति है और इसमें तुरंत इलाज की ज़रूरत होती है।
Otitis Media के लक्षण
कान का इन्फेक्शन, जिसे Otitis Media कहते हैं, मध्य कान में होने वाली सूजन या इन्फेक्शन है। इसके कई लक्षण हो सकते हैं, जो बच्चों और वयस्कों में अलग-अलग तरह से दिखते हैं:
- कान में दर्द: यह सबसे आम लक्षण है। दर्द हल्का या बहुत तेज़ हो सकता है, खासकर रात में या लेटते समय।
- सुनने में कमी: मध्य कान में तरल पदार्थ जमा होने या सूजन के कारण आवाज़ें ठीक से सुनाई नहीं देतीं।
- बुखार: इन्फेक्शन के कारण शरीर का तापमान बढ़ सकता है, खासकर बच्चों में।
- थकान और बेचैनी: इन्फेक्शन के कारण पूरे शरीर में कमज़ोरी और बेचैनी महसूस हो सकती है।
- सिरदर्द: कान के इन्फेक्शन के साथ सिरदर्द भी हो सकता है, खासकर अगर इन्फेक्शन गंभीर हो।
- संतुलन बिगड़ना: कुछ लोगों को चक्कर या संतुलन बनाने में दिक्कत महसूस हो सकती है, क्योंकि कान का संतुलन प्रणाली से भी संबंध होता है।
- कान से रिसाव: अगर कान के पर्दे में छेद हो जाए, तो कान से मवाद या पानी जैसा तरल पदार्थ बहना शुरू हो सकता है।
- कान भरा हुआ महसूस होना: कान में तरल पदार्थ जमा होने के कारण कान भरा-भरा या भारी महसूस हो सकता है।
- कान में आवाज़ें: कुछ लोगों को कान में धड़कन जैसी या चटकने जैसी आवाज़ें सुनाई दे सकती हैं।
Otitis Media के कारण
कान का इन्फेक्शन तब होता है जब Eustachian tube ठीक से काम नहीं करती और मध्य कान में तरल पदार्थ जमा हो जाता है, जिसमें बैक्टीरिया या वायरस पनप सकते हैं।
- Eustachian tube dysfunction और वायरल URTI: यह सबसे आम कारण है। सर्दी-ज़ुकाम या गले के इन्फेक्शन के कारण Eustachian tube में सूजन आ जाती है, जिससे वह बंद हो जाती है। इससे मध्य कान में हवा का दबाव बदल जाता है और तरल पदार्थ जमा होने लगता है, जो बैक्टीरिया के लिए पनपने का माहौल बनाता है।
- धूम्रपान: धूम्रपान करने या धूम्रपान वाले वातावरण में रहने से Eustachian tube और कान के अंदर की कोशिकाओं को नुकसान पहुँचता है, जिससे इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
- कमज़ोर इम्यूनिटी: जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर होती है, जैसे HIV या CVID के मरीज़, उन्हें कान का इन्फेक्शन होने का खतरा ज़्यादा होता है।
- Nasopharyngeal carcinoma: वयस्कों में, अगर सिर्फ एक कान में Otitis Media with Effusion (OME) यानी तरल पदार्थ जमा हो, तो यह nasopharyngeal carcinoma का संकेत हो सकता है, जो Eustachian tube को ब्लॉक कर देता है।
- एलर्जिक राइनाइटिस या नाक में पॉलिप्स: एलर्जी या नाक में पॉलिप्स के कारण नाक और गले में लगातार सूजन रहती है, जो Eustachian tube को भी प्रभावित कर सकती है और कान के इन्फेक्शन का कारण बन सकती है।
- Cleft palate: जिन बच्चों को cleft palate होता है, उनमें Eustachian tube की कार्यप्रणाली ठीक नहीं होती, जिससे उन्हें बार-बार कान का इन्फेक्शन होता है।
कान का infection में इस समस्या के स्थानीय कारण
नोएडा में रहने वाले लोगों को कुछ खास वजहों से कान के इन्फेक्शन का खतरा ज़्यादा हो सकता है:
- वायु प्रदूषण: नोएडा में सर्दियों में स्मॉग और साल भर धूल भरी हवा आम है। यह प्रदूषण ऊपरी श्वसन तंत्र में सूजन पैदा करता है, जिससे Eustachian tube ब्लॉक हो सकती है और कान का इन्फेक्शन हो सकता है।
- मौसम में बदलाव: यहाँ की extreme गर्मी, ठंड और मानसून की नमी, सभी वायरल URTI और एलर्जी को बढ़ावा देते हैं, जो कान के इन्फेक्शन के मुख्य कारण हैं।
- एलर्जी: नोएडा में धूल, परागकण और प्रदूषण के कारण एलर्जिक राइनाइटिस के मामले बहुत ज़्यादा होते हैं। यह एलर्जी Eustachian tube को प्रभावित करके कान में तरल पदार्थ जमा होने का कारण बनती है।
- बच्चों में भीड़भाड़ वाले स्कूल: बच्चों में इन्फेक्शन एक से दूसरे में आसानी से फैलता है। नोएडा में बच्चों के स्कूल और डे-केयर में भीड़भाड़ के कारण वायरल इन्फेक्शन तेज़ी से फैलते हैं, जिससे कान के इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
Otitis Media और दूसरी बीमारियों में फ़र्क
कई बार कान में दर्द या परेशानी होने पर मरीज़ यह नहीं समझ पाते कि उन्हें कौन सी समस्या है। Otitis Media के लक्षण कुछ दूसरी कान की समस्याओं से मिलते-जुलते हो सकते हैं। सही इलाज के लिए सही पहचान बहुत ज़रूरी है।
| Feature | Otitis Media | Bullous Myringitis | CSF in Middle Ear | Eosinophilic Otitis Media |
|---|---|---|---|---|
| मुख्य लक्षण | कान में दर्द, सुनने में कमी, बुखार, रिसाव | कान में अचानक तेज़ दर्द, कान के पर्दे पर छाले | कान से साफ़ तरल पदार्थ बहना | चिपचिपा रिसाव, सुनने में कमी |
| अवधि | कुछ हफ़्तों तक | 1-2 दिन, फिर ठीक | लगातार या बार-बार | पुराना, बार-बार होने वाला |
| ट्रिगर | सर्दी-ज़ुकाम, Eustachian tube की समस्या | वायरल इन्फेक्शन | सिर की चोट, सर्जरी | अस्थमा, एलर्जी |
| कब चिंता करें | तेज़ दर्द, बुखार, रिसाव होने पर | दर्द बहुत ज़्यादा होने पर | सिर की चोट के बाद रिसाव | इलाज के बाद भी ठीक न होने पर |
सही diagnosis के लिए ENT specialist से मिलें।
जांच और निदान
जब आप कान के इन्फेक्शन की शिकायत लेकर मेरे पास आते हैं, तो मैं सबसे पहले आपकी पूरी जानकारी लेता हूँ। मैं पूछता हूँ कि आपको कब से दर्द है, कैसा दर्द है, क्या कान से कुछ बह रहा है, और क्या आपको सर्दी-ज़ुकाम या बुखार भी है। बच्चों के मामले में, मैं माता-पिता से पूछता हूँ कि बच्चा कैसे प्रतिक्रिया दे रहा है, क्या वह चिड़चिड़ा है, या ठीक से सो नहीं पा रहा है।
इसके बाद, मैं कान की जांच करता हूँ।
- Otoscopy: यह सबसे ज़रूरी जांच है। मैं एक छोटी दूरबीन से कान के अंदर देखता हूँ। Otitis Media में कान का पर्दा लाल, सूजा हुआ और बाहर की तरफ़ निकला हुआ दिख सकता है। अगर तरल पदार्थ जमा है, तो पर्दा सुस्त दिख सकता है, और कभी-कभी हवा के बुलबुले या तरल पदार्थ का स्तर भी दिख सकता है।
- Tympanometry: यह जांच कान के पर्दे की गतिशीलता और मध्य कान के दबाव को मापती है। Otitis Media with Effusion (OME) में, जहाँ तरल पदार्थ जमा होता है, Tympanometry में Type B curve दिखती है, जो तरल पदार्थ की उपस्थिति का संकेत देती है।
- Pure-tone audiogram: अगर सुनने में कमी की शिकायत है, तो यह जांच की जाती है। इसमें conductive hearing loss का पता चलता है।
- Fibreoptic nasoendoscopy: वयस्कों में, खासकर अगर सिर्फ एक कान में OME हो, तो मैं नाक के पिछले हिस्से की जांच के लिए एक पतली दूरबीन का उपयोग करता हूँ। यह किसी भी रुकावट, जैसे nasopharyngeal carcinoma, का पता लगाने में मदद करती है।
- Contrast MRI nasopharynx/skull base: कुछ गंभीर मामलों में, खासकर अगर nasopharyngeal carcinoma या skull base tumor का संदेह हो, तो MRI स्कैन की सलाह दी जा सकती है।
इन जांचों से मुझे यह समझने में मदद मिलती है कि इन्फेक्शन कितना गंभीर है, कान के पर्दे की क्या स्थिति है, और क्या कोई और अंतर्निहित कारण है। सही निदान के बाद ही सही इलाज शुरू किया जा सकता है।
इलाज के विकल्प
कान के इन्फेक्शन का इलाज उसके प्रकार और गंभीरता पर निर्भर करता है। मेरा लक्ष्य दर्द से राहत दिलाना, इन्फेक्शन को ठीक करना और भविष्य में होने वाले इन्फेक्शन को रोकना होता है।
डॉक्टर का इलाज
- दर्द और बुखार की दवाई: Acute Otitis Media (AOM) में सबसे पहले दर्द और बुखार को कम करने के लिए डॉक्टर की सलाह से दर्द की दवाई (जैसे दर्द की दवाई या दर्द की दवाई) दी जाती है। अगर कान के पर्दे में छेद हो गया है और कान से मवाद बह रहा है, तो डॉक्टर एंटीबायोटिक कान की ड्रॉप्स भी दे सकते हैं।
- Autoinflation: Otitis Media with Effusion (OME) के कुछ मामलों में, जहाँ सिर्फ तरल पदार्थ जमा होता है, मैं मरीज़ों को autoinflation तकनीक सिखाता हूँ। इसमें नाक बंद करके धीरे से हवा बाहर निकालने की कोशिश की जाती है (जैसे Politzer technique या Otovent balloon का उपयोग करके), जिससे Eustachian tube खुल सकती है और तरल पदार्थ निकलने में मदद मिल सकती है।
सर्जरी कब?
कुछ खास परिस्थितियों में सर्जरी की ज़रूरत पड़ सकती है:
- वेंटिलेशन ट्यूब: अगर बच्चों को बार-बार कान का इन्फेक्शन होता है या मध्य कान में लंबे समय तक तरल पदार्थ जमा रहता है (OME), जिससे सुनने में दिक्कत हो रही है, तो छोटे वेंटिलेशन ट्यूब कान के पर्दे में डाले जा सकते हैं। ये ट्यूब मध्य कान में हवा का संचार बनाए रखते हैं और तरल पदार्थ को बाहर निकलने देते हैं।
- Balloon Eustachian Tuboplasty (BET): वयस्कों में Eustachian tube dysfunction के कारण होने वाले OME के लिए, BET एक नई प्रक्रिया है जिसमें एक छोटे गुब्बारे का उपयोग करके Eustachian tube को चौड़ा किया जाता है। यह कुछ मरीज़ों में Eustachian tube के कार्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
घर पर क्या करें, क्या न करें?
कान के इन्फेक्शन में घर पर कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है, ताकि आप जल्दी ठीक हो सकें और समस्या ज़्यादा न बढ़े।
क्या करें
- दर्द की दवाई लें: अगर कान में दर्द है, तो डॉक्टर की सलाह से दर्द की दवाई (जैसे दर्द की दवाई) ले सकते हैं। यह दर्द से तुरंत राहत दिलाएगा।
- गर्म सिकाई करें: एक साफ़ कपड़े को गुनगुने पानी में भिगोकर निचोड़ लें और कान के बाहरी हिस्से पर हल्के से सिकाई करें। इससे दर्द में आराम मिल सकता है।
- पर्याप्त आराम करें: शरीर को इन्फेक्शन से लड़ने के लिए आराम की ज़रूरत होती है। पर्याप्त नींद लें और तनाव से बचें।
- Autoinflation (OME के लिए): अगर आपको Otitis Media with Effusion (OME) है और डॉक्टर ने सलाह दी है, तो नाक बंद करके धीरे से हवा बाहर निकालने की कोशिश करें। इससे Eustachian tube खुल सकती है।
क्या न करें
- कान में कुछ भी न डालें: बिना डॉक्टर की सलाह के कान में तेल, पानी, या कोई भी ड्रॉप्स न डालें। अगर कान के पर्दे में छेद है, तो इससे इन्फेक्शन और गंभीर हो सकता है।
- कान को रुई या ईयरबड से साफ़ न करें: कान में रुई या ईयरबड डालने से इन्फेक्शन और अंदर जा सकता है या कान के पर्दे को नुकसान पहुँच सकता है।
- इन्फेक्शन को नज़रअंदाज़ न करें: अगर लक्षण बिगड़ते हैं या 2-3 दिन से ज़्यादा रहते हैं, तो डॉक्टर को ज़रूर दिखाएं। खुद से इलाज करने की कोशिश न करें।
- तेज़ आवाज़ों से बचें: कान में इन्फेक्शन होने पर तेज़ आवाज़ें दर्द को बढ़ा सकती हैं। शांत वातावरण में रहें।
- तेज़ सर्दी-ज़ुकाम में हवाई यात्रा से बचें: अगर आपको Acute Otitis Media है, तो हवाई यात्रा से बचें क्योंकि हवा के दबाव में बदलाव से कान में और दर्द हो सकता है या पर्दा फट सकता है।
WHO और AAO-HNS की guidelines के अनुसार, इस तरह के लक्षणों में ENT specialist से जाँच कराना ज़रूरी है।
बचाव
कान के इन्फेक्शन से बचाव के लिए कुछ आसान कदम उठाए जा सकते हैं, खासकर नोएडा जैसे शहर में जहाँ प्रदूषण और मौसमी बदलाव आम हैं:
- हाथों की सफ़ाई: अपने और अपने बच्चों के हाथ नियमित रूप से धोएं, खासकर खाने से पहले और बाद में, और खाँसने या छींकने के बाद। यह वायरल इन्फेक्शन को फैलने से रोकता है।
- धूम्रपान से बचें: धूम्रपान करने से Eustachian tube को नुकसान पहुँचता है और इन्फेक्शन का खतरा बढ़ता है। बच्चों को धूम्रपान वाले वातावरण से दूर रखें।
- टीकाकरण: बच्चों को pneumococcal vaccination ज़रूर लगवाएं। यह कुछ खास बैक्टीरिया के कारण होने वाले कान के इन्फेक्शन को रोकने में मदद करता है।
- एलर्जी का प्रबंधन: अगर आपको या आपके बच्चे को एलर्जिक राइनाइटिस है, तो उसका सही इलाज करवाएं। नोएडा में धूल और प्रदूषण के कारण एलर्जी आम है, और एलर्जी Eustachian tube को प्रभावित कर सकती है।
- स्तनपान (बच्चों के लिए): शिशुओं को कम से कम 6 महीने तक स्तनपान कराने से उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और कान के इन्फेक्शन का खतरा कम होता है।
- बोतल से दूध पिलाते समय: बच्चों को बोतल से दूध पिलाते समय उन्हें सीधा रखें, लेटाकर दूध पिलाने से दूध Eustachian tube में जा सकता है।
अस्वीकरण
यह लेख सिर्फ शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह से डॉक्टर की सलाह, जांच या इलाज की जगह नहीं ले सकता। कोई भी दवाई या इलाज अपने डॉक्टर की सलाह के बिना शुरू या बंद न करें।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मेरे बच्चे को बार-बार कान में संक्रमण (साल में 3-4 बार) क्यों होता रहता है?
बार-बार होने वाले कान के इन्फेक्शन आमतौर पर छोटे बच्चों में Eustachian tube की बनावट, Eustachian tube के खुलने को ब्लॉक करने वाले बढ़े हुए adenoids, allergy, daycare में संपर्क या passive smoke के संपर्क के कारण होते हैं। जिन बच्चों को 6 महीने में 3 से ज़्यादा इन्फेक्शन या एक साल में 4 से ज़्यादा इन्फेक्शन होते हैं, वे grommet डालने के लिए उम्मीदवार होते हैं।
मध्य कान का संक्रमण (ओटिटिस मीडिया) क्या होता है?
मध्य कान का इन्फेक्शन आपके कान के परदे के पीछे की जगह में सूजन को संदर्भित करता है। जब यह एक तीव्र कान का इन्फेक्शन होता है, तो इसका मतलब है कि एक सक्रिय इन्फेक्शन है, अक्सर जीवाणु या वायरल। कभी-कभी, सक्रिय इन्फेक्शन के बिना मध्य कान में तरल पदार्थ जमा हो सकता है, जिसे otitis media with effusion कहा जाता है।
अगर मेरा बच्चा बोल नहीं सकता, तो मुझे कैसे पता चलेगा कि उसे कान का संक्रमण है?
शिशुओं में, कान का इन्फेक्शन चिड़चिड़ापन, सामान्य से अधिक रोना, या कान के दर्द के कारण सोने में कठिनाई के रूप में दिख सकता है। आपको बुखार, सामान्य अस्वस्थता, या उनके संतुलन में बदलाव भी दिख सकता है। यदि आपको कान के इन्फेक्शन का संदेह है, तो अपने बच्चे को डॉक्टर से दिखाना सबसे अच्छा है।
मध्य कान के संक्रमण का सामान्य कारण क्या होता है?
मध्य कान के इन्फेक्शन अक्सर यूस्टेशियन ट्यूब की शिथिलता से शुरू होते हैं, जो अक्सर सर्दी जैसे वायरल ऊपरी सांस इन्फेक्शन से शुरू होते हैं। इससे मध्य कान में तरल पदार्थ जमा हो सकता है और कभी-कभी जीवाणु इन्फेक्शन भी हो सकता है। धूम्रपान, एलर्जी या कुछ चिकित्सीय स्थितियां जैसे अन्य कारक भी जोखिम बढ़ा सकते हैं।
किन कारणों से कुछ बच्चों को कान के संक्रमण होने की अधिक संभावना होती है?
बच्चों को कान के इन्फेक्शन होने की संभावना ज़्यादा होती है क्योंकि उनकी यूस्टेशियन ट्यूब छोटी और ज़्यादा सीधी होती है, और उनका इम्यून सिस्टम अभी विकसित हो रहा होता है। धुएं के संपर्क में आना, बार-बार सर्दी लगना, एलर्जी या क्लेफ्ट पैलेट जैसी कुछ स्थितियाँ उनके जोखिम को और बढ़ा सकती हैं। कुछ बच्चों में इम्यून सिस्टम में भी कुछ अंतर हो सकते हैं।
डॉक्टर मध्य कान के संक्रमण की जांच कैसे करते हैं?
डॉक्टर आमतौर पर कान के परदे को देखने के लिए ओटोस्कोप का उपयोग करके मध्य कान के इन्फेक्शन की जाँच करते हैं। एक तीव्र इन्फेक्शन में, कान का परदा लाल और फूला हुआ दिख सकता है, जबकि तरल पदार्थ जमा होने पर यह सुस्त या तरल पदार्थ के स्तर दिखा सकता है। कभी-कभी, मध्य कान में तरल पदार्थ की पुष्टि के लिए एक tympanometry टेस्ट का उपयोग किया जाता है, और सुनने की क्षमता के नुकसान का आकलन करने के लिए एक hearing टेस्ट भी किया जा सकता है।
अपने ENT specialist से ज़रूर मिलें।
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