दिल्ली में चक्कर आना: सर्जरी से पहले की तैयारी चेकलिस्ट

🩺 Docvani — Indian Vernacular Health Education

Language: हिंदी | City: Delhi
Chapter 6 of 9: ऑपरेशन से पहले तैयारी (Pre-Op Guide)

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भारत में 90% से ज़्यादा मेडिकल जानकारी अंग्रेज़ी में है। मैंने Docvani बनाया है ताकि मेरा क्लीनिकल अनुभव सरल हिंदी में हर मरीज़ तक पहुँचे।

✍️ AI draft — Dr. Prateek Porwal (MBBS, DNB (ENT), CAMVD) द्वारा शब्द-दर-शब्द मेडिकल ऑडिट (NMC: 82487) — 2026-03-19

चक्कर आना - चक्कर आना

दिल्ली में कई बार मरीज़ मेरे पास आते हैं और कहते हैं कि उन्हें चक्कर आ रहे हैं, सिर घूम रहा है, या धरती हिलती हुई लग रही है। जब डॉक्टर आपको बताते हैं कि आपके चक्कर आने की वजह का इलाज सर्जरी से हो सकता है, तो मन में कई सवाल और थोड़ी घबराहट होना स्वाभाविक है। यह गाइड आपको सर्जरी से पहले की सभी ज़रूरी तैयारियों में मदद करेगी, ताकि आप शांत और तैयार महसूस करें।

सर्जरी से 2 हफ्ते पहले की तैयारी

सर्जरी की तारीख तय होने के बाद, सबसे पहला और ज़रूरी काम है अपने डॉक्टर को अपनी सभी दवाइयों के बारे में बताना। इसमें सिर्फ़ वो दवाइयां नहीं जो आप किसी बीमारी के लिए ले रहे हैं, बल्कि कोई भी सप्लीमेंट, आयुर्वेदिक या होम्योपैथिक दवाइयां भी शामिल हैं। मैंने देखा है कि कई मरीज़ सिर्फ़ एलोपैथिक दवाइयों के बारे में बताते हैं, पर बाकी सब भूल जाते हैं। आपके डॉक्टर आपको बताएंगे कि सर्जरी से पहले कौन सी दवाइयां बंद करनी हैं और कौन सी चालू रखनी हैं। ख़ासकर, खून पतला करने वाली दवाइयों के बारे में डॉक्टर को ज़रूर बताएं, क्योंकि इन्हें सर्जरी से कुछ दिन पहले बंद करना पड़ सकता है।

आपके डॉक्टर कुछ टेस्ट करवाने के लिए कहेंगे, जैसे खून की जांच, ECG, या छाती का एक्स-रे। ये टेस्ट यह सुनिश्चित करने के लिए होते हैं कि आपका शरीर सर्जरी के लिए पूरी तरह से तैयार है। इन सभी टेस्ट को समय पर करवा लें और उनकी रिपोर्ट्स संभाल कर रखें। अगर आपको कोई पुरानी बीमारी है, जैसे शुगर या ब्लड प्रेशर, तो सुनिश्चित करें कि वह कंट्रोल में है। अगर आपको सर्दी, खांसी, बुखार या कोई इन्फेक्शन महसूस हो रहा है, तो तुरंत अपने डॉक्टर को बताएं। ऐसे में सर्जरी को कुछ समय के लिए टालना पड़ सकता है, क्योंकि इन्फेक्शन के साथ सर्जरी करना सुरक्षित नहीं होता।

अगर आप धूम्रपान करते हैं या शराब पीते हैं, तो सर्जरी से कम से कम 2 हफ्ते पहले इसे पूरी तरह से बंद कर दें। धूम्रपान और शराब दोनों ही सर्जरी के बाद ठीक होने की प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं और इन्फेक्शन का खतरा बढ़ा सकते हैं। यह आपके फेफड़ों और दिल के लिए भी अच्छा नहीं है। मेरी मानिए तो, यह आपकी सेहत के लिए एक अच्छा बदलाव हो सकता है।

इस दौरान, अपने खान-पान का भी ध्यान रखें। पौष्टिक भोजन लें और खूब पानी पिएं ताकि आपका शरीर अंदर से मजबूत रहे। किसी भी तरह के तनाव से बचने की कोशिश करें। आप अपने परिवार के सदस्यों से बात कर सकते हैं या कोई हल्की-फुल्की एक्टिविटी कर सकते हैं जिससे आपको आराम मिले।

सर्जरी से 1 दिन पहले की तैयारी

सर्जरी से एक दिन पहले का दिन तैयारियों और आराम का होता है। सबसे ज़रूरी निर्देश आपके डॉक्टर या अस्पताल से मिलेंगे कि आपको कब से खाना-पीना बंद करना है। आमतौर पर, सर्जरी से 8-10 घंटे पहले कुछ भी खाना या पीना मना होता है, जिसमें पानी भी शामिल है। यह इसलिए ज़रूरी है ताकि एनेस्थीसिया के दौरान कोई दिक्कत न हो। अगर आप कुछ भी खाते या पीते हैं, तो एनेस्थीसिया के दौरान उल्टी आने का खतरा रहता है, जो खतरनाक हो सकता है।

अपने साथ अस्पताल ले जाने वाले सामान की लिस्ट बना लें और उसे पैक कर लें। इसमें आपकी सभी मेडिकल रिपोर्ट्स, पहचान पत्र (ID), और इंश्योरेंस के कागजात शामिल होने चाहिए। पहनने के लिए ढीले और आरामदायक कपड़े चुनें, जैसे ट्रैक सूट या ढीली टी-शर्ट और पजामा। अस्पताल में पहनने के लिए चप्पल या सैंडल ज़रूर रखें। मोबाइल चार्जर, एक अतिरिक्त तकिया (अगर आपको उसकी आदत है), और पढ़ने के लिए कोई किताब या मैगज़ीन भी रख सकते हैं। कीमती सामान, जैसे गहने या बहुत ज़्यादा कैश, घर पर ही छोड़ दें।

शाम को हल्के गर्म पानी से नहा लें और सुनिश्चित करें कि आपकी त्वचा पर कोई लोशन, परफ्यूम या मेकअप न लगा हो। रात को अच्छी नींद लेने की कोशिश करें। मैं जानता हूँ कि सर्जरी से पहले थोड़ी चिंता होना स्वाभाविक है, पर गहरी सांस लेने के व्यायाम या हल्का संगीत सुनने से आपको आराम मिल सकता है। अपने परिवार के किसी सदस्य को अपने साथ रहने के लिए कहें, ताकि वे आपको भावनात्मक सहारा दे सकें और अस्पताल में आपकी मदद कर सकें।

सर्जरी की सुबह

सर्जरी की सुबह, आपको अस्पताल में तय समय पर पहुंचना होगा। सबसे पहले, अस्पताल में आपका एडमिशन होगा और आपको एक वार्ड या कमरे में ले जाया जाएगा। वहां नर्सें आपकी कुछ बेसिक जांच करेंगी, जैसे ब्लड प्रेशर और तापमान। इसके बाद, एनेस्थीसिया के डॉक्टर आपसे मिलेंगे। वे आपसे आपकी मेडिकल हिस्ट्री के बारे में कुछ सवाल पूछेंगे और आपको एनेस्थीसिया के बारे में समझाएंगे। यह एक ज़रूरी कदम है, क्योंकि वे यह सुनिश्चित करते हैं कि आपको सबसे सुरक्षित एनेस्थीसिया दिया जाए।

आपको अस्पताल के कपड़े पहनने के लिए दिए जाएंगे। सुनिश्चित करें कि आपने कोई भी गहना, घड़ी, कॉन्टैक्ट लेंस, या नकली दांत नहीं पहने हैं। ये सभी चीजें सर्जरी के दौरान परेशानी पैदा कर सकती हैं। जब सर्जरी का समय होगा, तो आपको ऑपरेशन थिएटर (OT) में ले जाया जाएगा। घबराएं नहीं, डॉक्टर और उनकी टीम पूरी तरह से तैयार होगी और आपका पूरा ध्यान रखेगी।

OT में आपको बेड पर लिटाया जाएगा और एनेस्थीसिया दिया जाएगा। इसके बाद आपको कुछ याद नहीं रहेगा और सर्जरी पूरी होने के बाद ही आपकी आंख खुलेगी। यह सब बहुत ही व्यवस्थित तरीके से होता है। मेरी मानिए तो, आप बस भरोसा रखें और शांत रहने की कोशिश करें।

परिवार के सदस्यों के लिए निर्देश

जब मरीज़ सर्जरी के लिए OT में होते हैं, तो परिवार के सदस्यों के लिए बाहर इंतज़ार करना मुश्किल हो सकता है। मैं समझता हूँ कि यह समय चिंता भरा होता है। सर्जरी में कितना समय लगेगा, यह मरीज़ की स्थिति और सर्जरी के प्रकार पर निर्भर करता है। डॉक्टर आपको एक अनुमानित समय बता देंगे, पर कभी-कभी इसमें थोड़ा ज़्यादा समय भी लग सकता है। धैर्य रखें।

सर्जरी के बाद, मरीज़ को रिकवरी रूम में ले जाया जाएगा, जहां एनेस्थीसिया का असर कम होने तक उनकी निगरानी की जाएगी। इस दौरान मरीज़ थोड़ा सुस्त, नींद में या भ्रमित महसूस कर सकते हैं, यह बिल्कुल सामान्य है। डॉक्टर सर्जरी पूरी होने के बाद आपसे मिलेंगे और आपको मरीज़ की स्थिति और सर्जरी के बारे में जानकारी देंगे।

जब मरीज़ को वार्ड में वापस लाया जाएगा, तो डॉक्टर या नर्सें आपको पोस्ट-ऑपरेटिव निर्देश देंगी। इन निर्देशों को ध्यान से सुनें और हो सके तो उन्हें लिख लें या अपने फोन में रिकॉर्ड कर लें। इसमें दवाइयों का शेड्यूल, घाव की देखभाल, और कब से खाना-पीना शुरू करना है, जैसी महत्वपूर्ण जानकारी शामिल होगी। आमतौर पर, सर्जरी के तुरंत बाद मरीज़ को कुछ भी खाने या पीने की अनुमति नहीं होती। जब डॉक्टर अनुमति देंगे, तभी पानी या हल्का भोजन दिया जा सकता है।

सर्जरी-विशिष्ट तैयारी नोट्स

चक्कर आना, यानी चक्कर आना, एक लक्षण है जिसके कई कारण हो सकते हैं। ज़्यादातर चक्कर आने की समस्याओं का इलाज दवाइयों या कुछ खास एक्सरसाइज़ (जैसे Epley maneuver) से हो जाता है, सर्जरी की ज़रूरत नहीं पड़ती। लेकिन, कुछ खास मामलों में, जैसे Meniere’s disease के गंभीर स्टेज में, या अगर चक्कर आने का कारण कोई ट्यूमर या संरचनात्मक समस्या है, तो सर्जरी की सलाह दी जा सकती है।

अगर आपके चक्कर आने का कारण ऐसा है जिसके लिए सर्जरी की ज़रूरत है, तो तैयारी के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है। चूंकि यह सर्जरी आपके कान या दिमाग के संतुलन वाले हिस्से से जुड़ी हो सकती है, तो सर्जरी के बाद कुछ समय के लिए आपको संतुलन बनाने में थोड़ी दिक्कत महसूस हो सकती है। यह अस्थायी होता है और धीरे-धीरे ठीक हो जाता है।

सर्जरी से पहले, डॉक्टर आपके कान की दूरबीन से जांच कर सकते हैं, या नाक और साइनस का CT scan करवा सकते हैं, यह देखने के लिए कि अंदर की स्थिति कैसी है। अगर सर्जरी कान से जुड़ी है, तो आपको कान में कोई ड्रॉप डालने या कान को गीला करने से मना किया जा सकता है। इन सभी निर्देशों का पालन करना बहुत ज़रूरी है ताकि सर्जरी के दौरान कोई जटिलता न हो।

चेकलिस्ट

अगर आप चक्कर आने की सर्जरी तैयारी कर रहे हैं, तो ऑपरेशन वाले दिन की रात दवाइयों, रिपोर्ट और खाली पेट के समय को दोबारा जांच लें। चक्कर आने की सर्जरी तैयारी में एक छोटा नोट बना लेना भी मदद करता है ताकि अस्पताल में कोई निर्देश छूट न जाए।

चक्कर आने की सर्जरी तैयारी: जल्दी याद रखने वाली सूची

अगर कोई पूछे कि चक्कर आने की सर्जरी तैयारी में सबसे जरूरी क्या है, तो जवाब है: जांच रिपोर्ट, दवाइयों की सूची, खाली पेट का समय और घर वापसी का इंतजाम। चक्कर आने की सर्जरी तैयारी में यह भी देखें कि खून पतला करने वाली दवा, डायबिटीज या BP की दवाओं को कब रोकना है। चक्कर आने की सर्जरी तैयारी जितनी साफ होगी, ऑपरेशन का दिन उतना ही शांत और सुरक्षित रहेगा। जिन मरीजों की सर्जरी तय है, उनके लिए चक्कर आने की सर्जरी तैयारी का मतलब सिर्फ बैग पैक करना नहीं, बल्कि डॉक्टर के निर्देशों को ठीक से समझना भी है।

सर्जरी से पहले की तैयारी के लिए यह एक छोटी चेकलिस्ट है:

  • □ सभी दवाइयों और सप्लीमेंट्स की जानकारी डॉक्टर को दी है।
  • □ डॉक्टर द्वारा बताए गए सभी टेस्ट समय पर करवा लिए हैं।
  • □ धूम्रपान और शराब पीना बंद कर दिया है।
  • □ सर्दी, खांसी या बुखार होने पर डॉक्टर को सूचित किया है।
  • □ सर्जरी से पहले खाना-पीना कब बंद करना है, यह समझ लिया है।
  • □ मेडिकल रिपोर्ट्स और पहचान पत्र पैक कर लिया है।
  • □ ढीले और आरामदायक कपड़े, चप्पल पैक कर लिए हैं।
  • □ कीमती सामान घर पर छोड़ दिया है।
  • □ रात को अच्छी नींद लेने की कोशिश की है।
  • □ सर्जरी की सुबह कोई गहना या मेकअप नहीं लगाया है।
  • □ परिवार का कोई सदस्य साथ रहने के लिए तैयार है।
  • □ डॉक्टर के पोस्ट-ऑपरेटिव निर्देशों को रिकॉर्ड करने की तैयारी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या सर्जरी से पहले खाना बंद करना पड़ेगा?

हाँ, बिल्कुल। सर्जरी से पहले एक निश्चित समय के लिए खाना-पीना बंद करना बहुत ज़रूरी है। यह एनेस्थीसिया के दौरान उल्टी और अन्य जटिलताओं से बचने के लिए किया जाता है। आपके डॉक्टर या अस्पताल का स्टाफ आपको ठीक-ठीक समय बताएगा कि आपको कब से उपवास शुरू करना है।

क्या परिवार का सदस्य मेरे साथ अस्पताल आ सकता है?

हाँ, मैं हमेशा अपने मरीजों को सलाह देता हूँ कि वे अपने साथ परिवार के किसी सदस्य को ज़रूर लाएं। वे आपको भावनात्मक सहारा दे सकते हैं, अस्पताल के कागजी काम में मदद कर सकते हैं, और सर्जरी के बाद डॉक्टर के निर्देशों को समझने और याद रखने में भी सहायक होंगे।

क्या सभी टेस्ट एक बार में हो जाते हैं?

नहीं, अक्सर ऐसा नहीं होता। कुछ टेस्ट, जैसे खून की जांच, ECG, या छाती का एक्स-रे, सर्जरी से कुछ दिन पहले करवाए जाते हैं। कुछ खास जांचें, जैसे VNG या MRI, पहले ही हो चुकी होती हैं ताकि चक्कर आने के कारण का पता चल सके। आपके डॉक्टर आपको एक लिस्ट देंगे कि कौन से टेस्ट कब करवाने हैं।

अगर मुझे सर्दी हो तो क्या सर्जरी स्थगित होगी?

हाँ, अगर आपको सर्जरी से ठीक पहले सर्दी, खांसी, बुखार या कोई इन्फेक्शन हो जाता है, तो सर्जरी को स्थगित करना पड़ सकता है। यह आपकी सुरक्षा के लिए है, क्योंकि इन्फेक्शन के साथ सर्जरी करने से जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है। तुरंत अपने डॉक्टर को बताएं।

क्या चक्कर आना ब्लड प्रेशर से संबंधित है?

मैं समझता हूँ कि कई लोग ऐसा सोचते हैं। कम ब्लड प्रेशर (खासकर जब आप तेज़ी से खड़े होते हैं) से हल्कापन या अस्थिरता महसूस हो सकती है। हालांकि, असली चक्कर आना आमतौर पर अंदरूनी कान या दिमाग की समस्या के कारण होता है, न कि मुख्य रूप से ब्लड प्रेशर की वजह से। आपके डॉक्टर कारण जानने के लिए दोनों की जांच करेंगे।

क्या चक्कर आना ब्रेन स्ट्रोक का संकेत हो सकता है?

हाँ, स्ट्रोक से चक्कर आना हो सकता है, पर यह शायद ही कभी अकेला लक्षण होता है। स्ट्रोक से संबंधित चक्कर आने के साथ आमतौर पर अन्य चेतावनी संकेत भी होते हैं: जैसे अचानक दोहरा दिखना, बोलने या निगलने में कठिनाई, चेहरे पर सुन्नपन, हाथ या पैर में कमजोरी, या चलने में असमर्थता। अगर आपको चक्कर आने के साथ इनमें से कोई भी संकेत महसूस हो, तो तुरंत इमरजेंसी में जाएं।

चक्कर आना और चक्कर आने में क्या अंतर है?

चक्कर आना एक व्यापक शब्द है जिसका मतलब अस्थिरता, हल्कापन या बेहोशी जैसा महसूस होना है। चक्कर आने का मतलब विशेष रूप से घूमने जैसा झूठा एहसास है — जैसे आप या कमरा घूम रहा हो। चक्कर आना आमतौर पर अंदरूनी कान या दिमाग की समस्या का संकेत देता है। हल्कापन (बिना घूमने के एहसास के) कम ब्लड प्रेशर, चिंता या डिहाइड्रेशन के कारण हो सकता है।

क्या मुझे जीवन भर चक्कर आना रहेगा?

नहीं, ज़्यादातर चक्कर आने के कारणों का इलाज संभव है। BPPV (सबसे आम कारण) को ज़्यादातर मामलों में एक साधारण maneuver से ठीक किया जा सकता है। Vestibular neuritis आमतौर पर हफ्तों से महीनों में ठीक हो जाता है। Meniere’s disease एक पुरानी बीमारी है पर इसे मैनेज किया जा सकता है। सही निदान और उपचार से बार-बार होने वाले चक्कर आने में भी काफी सुधार होता है।

ऑनलाइन कंसल्टेशन कैसे लें

अगर आप दिल्ली या आसपास के इलाकों, जैसे नोएडा, गुड़गांव, फरीदाबाद, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा या चंडीगढ़ से हैं और आपको चक्कर आने या संतुलन से जुड़ी कोई समस्या है, तो आप घर बैठे ही मुझसे सलाह ले सकते हैं। डॉ. प्रतीक पोरवाल, Prime ENT Center, हरदोई में, ऑनलाइन वीडियो कंसल्टेशन के माध्यम से आपकी मदद के लिए उपलब्ध हैं। आप अपने घर के आराम से ही विशेषज्ञ ENT मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।

आप अपनी रिपोर्ट्स WhatsApp पर भेज सकते हैं या वीडियो कॉल पर अपनी समस्या बता सकते हैं। मैं आपकी रिपोर्ट्स देखकर और आपकी बात सुनकर आपको सही सलाह और आगे के इलाज के बारे में बता सकता हूँ। अपॉइंटमेंट बुक करने या अधिक जानकारी के लिए, आप मुझे सीधे +91-7393062200 पर कॉल या WhatsApp कर सकते हैं, या हमारी वेबसाइट https://primeentcenter.in पर जा सकते हैं। अपनी सेहत को नज़रअंदाज़ न करें, सही सलाह से आपकी समस्या का समाधान हो सकता है।

संदर्भ

अस्वीकरण

यह article सिर्फ educational purpose के लिए है। यह किसी भी तरह से doctor की सलाह, जाँचे या ilaj की जगह नहीं ले सकता। कोई भी दवाई या ilaj अपने doctor की सलाह के बिना शुरू या बंद ना करें।

Medically reviewed by: Dr. Prateek Porwal, MBBS, DNB ENT | Last updated: 01 March 2026


⚕️ मेडिकल डिस्क्लेमर

यह जानकारी शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। यह डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। अपनी स्वास्थ्य समस्या के लिए हमेशा ENT विशेषज्ञ से मिलें।

Dr. Prateek Porwal (MBBS, DNB (ENT), CAMVD) | About | Prime ENT Center, Hardoi

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Dr. Prateek Porwal
MBBS, DNB ENT, CAMVD — Vertigo & ENT Specialist

Founder, Prime ENT Center, Hardoi, UP. Inventor of the Bangalore Maneuver for BPPV. Only VNG + Stabilometry clinic in Central UP. Online consultations available across India — drprateekporwal.com · 7393062200

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