कान में घंटी क्यों बजती है — दिल्ली

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लेखक: डॉ. प्रतीक पोरवाल (Dr. Prateek Porwal), MBBS, DNB (ENT), CAMVD  |  अनुभव: 13+ वर्ष

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✍️ Dr. Prateek Porwal (MBBS, DNB (ENT), CAMVD) — ENT Specialist | Docvani Health Education  |  अंतिम चिकित्सा समीक्षा: April 2026

कान में घंटी बजना क्यों होता है — दिल्ली दिल्ली में बहुत से लोग मेरे पास कान में घंटी बजना या कान में सीटी बजना जैसी आवाज़ की शिकायत लेकर आते हैं। यह एक ऐसी समस्या है जिसमें आपको अपने कान में या सिर में ऐसी आवाज़ें सुनाई देती हैं जो बाहर से नहीं आ रही होतीं। इसे टिनिटस कहते हैं। यह कोई बीमारी नहीं,

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कान में घंटी बजना क्यों होता है — दिल्ली

दिल्ली में बहुत से लोग मेरे पास कान में घंटी बजना या कान में सीटी बजना जैसी आवाज़ की शिकायत लेकर आते हैं। यह एक ऐसी समस्या है जिसमें आपको अपने कान में या सिर में ऐसी आवाज़ें सुनाई देती हैं जो बाहर से नहीं आ रही होतीं। इसे टिनिटस कहते हैं।

यह कोई बीमारी नहीं, बल्कि किसी अंदरूनी दिक्कत का लक्षण है, और इसका सही कारण जानना बहुत ज़रूरी है।

कान में घंटी क्यों बजती है?

तो देखिये, कान में घंटी बजना या कान में आवाज़ आना, जिसे डॉक्टरी भाषा में टिनिटस कहते हैं, असल में एक ऐसी स्थिति है जहाँ आपको अपने कान में या सिर में कोई आवाज़ महसूस होती है, जबकि बाहर कोई आवाज़ नहीं होती। यह आवाज़ घंटी बजने जैसी, सीटी बजने जैसी, भनभनाहट जैसी, या झींगुर की आवाज़ जैसी हो सकती है। यह एक कान में या दोनों कानों में हो सकती है।

कान में घंटी बजना — कान में घंटी बजना

मेरे OPD में हर हफ्ते ऐसे कई मरीज़ आते हैं जो इस लगातार आवाज़ से परेशान रहते हैं, खासकर दिल्ली जैसे शहर में जहाँ शोर और प्रदूषण का स्तर बहुत ज़्यादा है। यह कोई वहम नहीं है, बल्कि आपके सुनने के सिस्टम में कुछ बदलावों के कारण होता है।

main apne patients ko hamesha kehta hun — यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है, लेकिन यह आपके रोज़मर्रा के जीवन को बहुत प्रभाविट कर सकती है, जैसे नींद न आना, ध्यान केंद्रित न कर पाना और चिड़चिड़ापन। aap jaante hain sabse common galti kya hai? बहुत से लोग सोचते हैं कि कान में घंटी बजना मतलब बहरेपन की शुरुआत है, पर ऐसा हमेशा नहीं होता। हालांकि, ज़्यादातर टिनिटस के मरीज़ों में किसी न किसी हद तक सुनने में कमी ज़रूर पाई जाती है।

कान में घंटी बजने के लक्षण

कान में घंटी बजने के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन कुछ सामान्य अनुभव हैं जो मरीज़ अक्सर बताते हैं। यह आवाज़ लगातार या रुक-रुक कर आ सकती है, और इसकी तीव्रता भी कम या ज़्यादा हो सकती है।

  • कान में आवाज़ महसूस होना: यह सबसे मुख्य लक्षण है, जिसमें आपको घंटी, सीटी, भनभनाहट, फुसफुसाहट या झींगुर जैसी आवाज़ें सुनाई देती हैं। यह आवाज़ें बाहरी शोर की अनुपस्थिति में भी आती हैं।
  • एक या दोनों कानों में आवाज़: कुछ लोगों को केवल एक कान में आवाज़ आती है, जबकि कुछ को दोनों कानों में यह महसूस होती है। एक कान में लगातार आवाज़ आना ज़्यादा चिंता का विषय हो सकता है।
  • पल्सटाइल टिनिटस: कुछ मरीज़ों को अपने दिल की धड़कन के साथ तालमेल बिठाती हुई आवाज़ सुनाई देती है। यह एक खास तरह का टिनिटस है जो रक्त वाहिकाओं से जुड़ी समस्याओं का संकेत हो सकता है।
  • नींद में दिक्कत: कान में लगातार आवाज़ आने से रात को सोने में परेशानी हो सकती है, जिससे थकान और चिड़चिड़ापन बढ़ता है। यह मरीज़ों के लिए बहुत परेशान करने वाला अनुभव होता है।
  • ध्यान केंद्रित करने में मुश्किल: जब कान में लगातार कोई आवाज़ बजती रहती है, तो किसी भी काम पर ध्यान लगाना मुश्किल हो जाता है। यह छात्रों और काम करने वाले लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती है।
  • चिंता और डिप्रेशन: टिनिटस के कारण होने वाली परेशानी से मरीज़ों में चिंता, तनाव और कभी-कभी डिप्रेशन के लक्षण भी दिख सकते हैं। यह आवाज़ उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालती है।
  • हाइपरएक्यूसिस: कुछ लोगों को सामान्य आवाज़ें भी बहुत तेज़ या असहनीय लगने लगती हैं। इसे हाइपरएक्यूसिस कहते हैं और यह अक्सर टिनिटस के साथ ही होता है।

तुरंत डॉक्टर के पास कब जाएं?

कुछ लक्षण ऐसे होते हैं जिन्हें नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए और तुरंत ENT डॉक्टर से मिलना चाहिए।

  • एक कान में टिनिटस: अगर आपको सिर्फ एक कान में आवाज़ आ रही है, तो यह वेस्टिबुलर श्वानोमा जैसी किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। इसकी तुरंत जांच करवाना जरुरी है।
  • पल्सटाइल टिनिटस: यदि आपको अपने दिल की धड़कन के साथ तालमेल बिठाती हुई आवाज़ सुनाई दे रही है, तो यह रक्त वाहिकाओं से जुड़ी किसी दिकत, जैसे AVM या ग्लोमस ट्यूमर, का लक्षण हो सकता है।
  • सुनने में कमी के साथ टिनिटस: अगर कान में आवाज़ आने के साथ-साथ आपको एक कान में कम सुनाई दे रहा है, तो यह भी कान की नस से जुड़ी किसी समस्या का संकेत हो सकता है।
  • आत्महत्या के विचार: यदि टिनिटस के कारण आप बहुत ज़्यादा परेशान हैं और आपको आत्महत्या जैसे विचार आ रहे हैं, तो यह एक मेडिकल इमरजेंसी है और आपको तुरंत मदद लेनी चाहिए।

कान में घंटी बजने के कारण

कान में घंटी बजना या कान में आवाज़ आने के कई कारण हो सकते हैं। यह अक्सर कान के अंदरूनी हिस्से में होने वाले बदलावों से जुड़ा होता है, खासकर सुनने वाली कोशिकाओं को नुकसान पहुँचने से।

  • सुनने में कमी: ज़्यादातर टिनिटस के मरीज़ों में किसी न किसी स्तर की सुनने में कमी पाई जाती है। उम्र बढ़ने के साथ सुनने की क्षमता कम होना (प्रेस्बीक्यूसिस), शोर के कारण सुनने में कमी, या कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट्स से भी ऐसा हो सकता है।
  • ज़्यादा शोर का संपर्क: दिल्ली में ट्रैफिक और निर्माण कार्य का शोर बहुत ज़्यादा होता है। लंबे समय तक तेज़ आवाज़ों के संपर्क में रहने से कान के अंदर की संवेदनशील कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं, जिससे कान में सीटी बजना शुरू हो सकता है।
  • मेनियर रोग: यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें कान के अंदरूनी हिस्से में तरल पदार्थ जमा हो जाता है। इसमें कान में घंटी बजने के साथ-साथ चक्कर आना, सुनने में कमी और कान भरा हुआ महसूस होना जैसे लक्षण भी होते हैं।
  • ओटोटॉक्सिक दवाएं: कुछ दवाएं, जैसे कुछ एंटीबायोटिक्स, एस्पिरिन की ज़्यादा खुराक, और कुछ कैंसर की दवाएं, कान को नुकसान पहुँचा सकती हैं और टिनिटस का कारण बन सकती हैं। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवाई न लें।
  • TMJ डिस्फंक्शन: जबड़े के जोड़ (टेम्पोरोमैंडिबुलर जॉइंट) में दिक्कत होने पर भी कान में आवाज़ आ सकती है। यह जोड़ कान के पास ही होता है और इसकी समस्याओं से कान में दर्द या आवाज़ महसूस हो सकती है।
  • वेस्टिबुलर श्वानोमा: यह कान की नस पर बनने वाला एक गैर-कैंसर वाला ट्यूमर होता है। यह अक्सर एक कान में टिनिटस और सुनने में कमी का कारण बनता है। इसलिए एक कान में आवाज़ आने पर जांच करवाना बहुत ज़रूरी है।
  • रक्त वाहिकाओं की समस्या: पल्सटाइल टिनिटस अक्सर रक्त वाहिकाओं से जुड़ी समस्याओं के कारण होता है, जैसे धमनी-शिरा विकृति (AVM), ग्लोमस ट्यूमर, या कैरोटिड धमनी का संकुचन।

कान में घंटी बजने में इस समस्या के स्थानीय कारण

दिल्ली में रहने वाले लोगों को कान में घंटी बजना या कान में आवाज़ आने की समस्या कुछ खास स्थानीय कारणों से ज़्यादा हो सकती है:

  • PM 2.5 और स्मॉग: दिल्ली की हवा में PM 2.5 और स्मॉग का उच्च स्तर श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है, जिससे कान और नाक से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं, जो अप्रत्यक्ष रूप से टिनिटस को बढ़ा सकती हैं।
  • पराली जलाना: अक्टूबर-नवंबर में पराली जलाने से होने वाला प्रदूषण दिल्ली में वायु गुणवत्ता को बेहद खराब कर देता है। यह एलर्जी और साइनस की समस्याओं को बढ़ाता है, जिससे कान में दबाव महसूस हो सकता है और टिनिटस की धारणा तेज़ हो सकती है।
  • निर्माण की धूल: दिल्ली-NCR में लगातार चल रहे निर्माण कार्य से उड़ने वाली धूल भी एलर्जी और श्वसन संबंधी दिक्कतें पैदा करती है, जो कान के स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है।
  • तेज़ शोर: दिल्ली में ट्रैफिक, हॉर्न और निर्माण स्थलों का लगातार तेज़ शोर कान के अंदरूनी हिस्सों को नुकसान पहुँचा सकता है, जिससे शोर-प्रेरित सुनने में कमी और टिनिटस हो सकता है।
  • सर्दी में शुष्क हवा: दिल्ली की सर्दियाँ बहुत शुष्क होती हैं, जिससे नाक और गले में सूखापन आ सकता है। यह कान के यूस्टेशियन ट्यूब को प्रभावित कर सकता है, जिससे कान में दबाव और आवाज़ महसूस हो सकती है।
  • तनावपूर्ण जीवनशैली: दिल्ली जैसे बड़े शहर की भागदौड़ भरी और तनावपूर्ण जीवनशैली भी टिनिटस की धारणा को बढ़ा सकती है, क्योंकि तनाव लिम्बिक सिस्टम को सक्रिय करता है।

कान में घंटी बजना और दूसरी बीमारियों में फ़र्क

कान में आवाज़ आना या कान में घंटी बजना एक लक्षण है जो कई अलग-अलग स्थितियों के कारण हो सकता है। मरीज़ अक्सर इसे सुनने में कमी, मेनियर रोग या शोर से होने वाली क्षति जैसी अन्य समस्याओं से जोड़कर देखते हैं। यह समझना ज़रूरी है कि टिनिटस अपने आप में एक बीमारी नहीं है, बल्कि यह इन अन्य स्थितियों का एक संकेत हो सकता है।

विशेषता टिनिटस सुनने में कमी मेनियर रोग शोर से सुनने में कमी
मुख्य लक्षण कान में आवाज़ कम सुनाई देना चक्कर, कान में आवाज़ धीरे-धीरे कम सुनाई
अवधि लगातार/रुक-रुक कर स्थायी एपिसोडिक स्थायी
ट्रिगर कई कारण उम्र, शोर, दवा कान में तरल तेज़ आवाज़
कब चिंता करें एकतरफा, धड़कन के साथ अचानक, एकतरफा गंभीर चक्कर के साथ लगातार शोर के बाद

सही इलाज के लिए ENT डॉक्टर से मिलें।

जांच और निदान

जब आप कान में घंटी बजना या कान में सीटी बजना की शिकायत लेकर मेरे क्लिनिक में आते हैं, तो सबसे पहले मैं आपसे आपकी पूरी मेडिकल हिस्ट्री पूछता हूँ। मैं जानना चाहता हूँ कि आपको यह आवाज़ कब से आ रही है, यह कैसी आवाज़ है, एक कान में है या दोनों में, और क्या इसके साथ कोई और लक्षण भी हैं, जैसे सुनने में कमी या चक्कर आना।

इसके बाद, मैं आपके कान की जांच करता हूँ ताकि कान के पर्दे और बाहरी कान में कोई समस्या न हो। फिर, सुनने की जांच की जाती है। यह जांच बताती है कि आपकी सुनने की क्षमता कितनी है और क्या किसी खास फ्रीक्वेंसी पर सुनने में कमी है।

ज़्यादातर टिनिटस के मरीज़ों में कुछ हद तक सुनने में कमी पाई जाती है।

अगर एक कान में आवाज़ आ रही है या सुनने में कमी असंतुलित है, तो मैं MRI (मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग) करवाने की सलाह दे सकता हूँ। यह जांच कान की नस पर किसी ट्यूमर, जैसे वेस्टिबुलर श्वानोमा, को बाहर करने के लिए बहुत ज़रूरी है। यदि पल्सटाइल टिनिटस है, तो CT स्कैन या MR एंजियोग्राफी जैसी जांचें रक्त वाहिकाओं की समस्याओं का पता लगाने में मदद करती हैं।

टिनिटस के आपके जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को मापने के लिए कुछ प्रश्नावली (जैसे THI, TFI) भी भरी जा सकती हैं। इन सभी जांचों से मुझे सही कारण का पता लगाने और आपके लिए सबसे अच्छा इलाज प्लान बनाने में मदद मिलती है।

इलाज के विकल्प

कान में घंटी बजना या कान में आवाज़ आने का कोई एक “जादुई इलाज” नहीं है जो इसे पूरी तरह ठीक कर दे, लेकिन इसे मैनेज करने और इसके प्रभाव को कम करने के कई प्रभावी तरीके हैं। मेरा लक्ष्य आपको इस आवाज़ के साथ बेहतर तरीके से जीना सिखाना है ताकि यह आपकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी को प्रभावित न करे।

घर पर राहत

  • बैकग्राउंड में आवाज़ चालू रखें: रात को सोते समय या शांत माहौल में टिनिटस ज़्यादा परेशान करता है। इसलिए, अपने आसपास हल्की बैकग्राउंड आवाज़ चालू रखें, जैसे पंखे की आवाज़, हल्का संगीत, या प्रकृति की आवाज़ें। यह आपके दिमाग को टिनिटस की आवाज़ से भटकाने में मदद करता है।
  • स्ट्रेस कम करें: तनाव टिनिटस को और बढ़ा सकता है। योग, मेडिटेशन, गहरी साँस लेने के व्यायाम या अपनी पसंद की कोई भी गतिविधि करके तनाव को कम करने की कोशिश करें। यह आपके दिमाग को शांत रखने में मदद करेगा।
  • कैफीन और शराब से बचें: कुछ लोगों को कैफीन और शराब से टिनिटस की आवाज़ तेज़ महसूस होती है। यदि आपको ऐसा लगता है, तो इनका सेवन कम करने की कोशिश करें।

डॉक्टर का इलाज

डॉक्टर के इलाज में कई चीज़ें शामिल हो सकती हैं, जो आपकी स्थिति पर निर्भर करती हैं।

  • काउंसलिंग और शिक्षा: टिनिटस के बारे में सही जानकारी और यह समझना कि यह क्यों होता है, बहुत राहत दे सकता है। मैं आपको टिनिटस के न्यूरोफिज़ियोलॉजिकल मॉडल के बारे में समझाता हूँ ताकि आप इसे बेहतर ढंग से समझ सकें।
  • साउंड थेरेपी: इसमें बैकग्राउंड में कुछ खास तरह की आवाज़ें बजाई जाती हैं, जैसे व्हाइट नॉइज़ या नेचर साउंड्स, ताकि आपका दिमाग टिनिटस की आवाज़ पर कम ध्यान दे।
  • कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (CBT): यह एक तरह की थेरेपी है जो आपको टिनिटस के प्रति अपनी प्रतिक्रिया को बदलने में मदद करती है, जिससे चिंता और तनाव कम होता है।
  • हियरिंग एड्स: यदि आपको सुनने में कमी है, तो हियरिंग एड्स न केवल आपको बेहतर सुनने में मदद करते हैं, बल्कि वे टिनिटस की आवाज़ को भी कम कर सकते हैं।
  • टिनिटस रीट्रैनिंग थेरेपी (TRT): यह काउंसलिंग और साउंड थेरेपी का एक संयोजन है जो आपके दिमाग को टिनिटस की आवाज़ को “अनसुना” करना सिखाता है।

सर्जरी कब?

टिनिटस के लिए सीधे तौर पर कोई सर्जरी नहीं होती है, क्योंकि यह अक्सर एक लक्षण होता है। हालांकि, अगर टिनिटस का कोई खास और इलाज योग्य कारण है, तो उस कारण का इलाज करने के लिए सर्जरी की जा सकती है। उदाहरण के लिए, यदि पल्सटाइल टिनिटस किसी रक्त वाहिका की समस्या या ट्यूमर के कारण है, तो उस समस्या को ठीक करने के लिए सर्जरी पर विचार किया जा सकता है।

वेस्टिबुलर श्वानोमा जैसे ट्यूमर के मामले में भी सर्जरी एक विकल्प हो सकता है।

घर पर क्या करें, क्या न करें?

कान में घंटी बजना एक परेशान करने वाली स्थिति हो सकती है, लेकिन कुछ चीजें हैं जो आप घर पर कर सकते हैं और कुछ जिनसे बचना चाहिए।

  • शांत माहौल से बचें: अपने आसपास हमेशा कुछ हल्की आवाज़ चालू रखें, खासकर जब आप अकेले हों या सोने जा रहे हों। एक पंखा, हल्का संगीत, या प्रकृति की आवाज़ें (जैसे बारिश या झरने की आवाज़) टिनिटस की आवाज़ को दबाने में मदद कर सकती हैं।
  • हियरिंग एड्स का उपयोग करें: यदि आपको सुनने में कमी है और डॉक्टर ने हियरिंग एड्स की सलाह दी है, तो उनका नियमित उपयोग करें। वे न केवल आपको बेहतर सुनने में मदद करते हैं, बल्कि टिनिटस की आवाज़ को भी कम कर सकते हैं।
  • तनाव प्रबंधन सीखें: योग, ध्यान, या गहरी साँस लेने के व्यायाम जैसी तकनीकें तनाव को कम करने में मदद कर सकती हैं, जिससे टिनिटस की धारणा भी कम हो सकती है।
  • पर्याप्त नींद लें: अच्छी नींद टिनिटस के प्रभाव को कम करने में मदद करती है। सोने से पहले शांत माहौल बनाएं और कैफीन व शराब से बचें।

    अंधेरे और चुप्पी में न बैठें: पूरी तरह से शांत माहौल में बैठने से टिनिटस की आवाज़ और तेज़ महसूस हो सकती है, क्योंकि आपका दिमाग उस पर ज़्यादा ध्यान देने लगता है।

    बचाव

    दिल्ली में कान में घंटी बजना या कान में आवाज़ आने की समस्या से बचाव के लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है, खासकर यहाँ के वातावरण को देखते हुए।

    • शोर से बचाव: clinic mein roz dekhta hun — दिल्ली में ट्रैफिक, निर्माण और उद्योगों का शोर बहुत ज़्यादा होता है। तेज़ आवाज़ वाली जगहों पर काम करते समय या जाते समय ईयरप्लग या नॉइज़-कैंसलिंग हेडफ़ोन का इस्तेमाल करें। WHO भी कहती हैं कि लंबे समय तक तेज़ शोर के संपर्क में रहने से बचना चाहिए।
    • प्रदूषण से बचाव: दिल्ली में वायु प्रदूषण (AQI) अक्सर खतरनाक स्तर पर होता है, खासकर पराली जलाने के मौसम में। मास्क पहनें, खासकर जब PM 2.5 का स्तर ज़्यादा हो, और घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें। प्रदूषण सीधे टिनिटस का कारण नहीं बनता, लेकिन यह श्वसन संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकता है जो कान को प्रभावित कर सकती हैं।
    • कानों की नियमित जांच: अगर आपको लगता है कि आपकी सुनने की क्षमता कम हो रही है या कान में कोई असामान्यता है, तो नियमित रूप से ENT डॉक्टर से जांच करवाएं। शुरुआती पहचान से कई समस्याओं को बढ़ने से रोका जा सकता है।
    • तनाव प्रबंधन: दिल्ली की तेज़-तर्रार ज़िंदगी में तनाव एक आम बात है। तनाव टिनिटस को बढ़ा सकता है, इसलिए योग, ध्यान या अपनी पसंद की कोई भी गतिविधि करके तनाव को कम करने की कोशिश करें।
    • स्वस्थ जीवनशैली: संतुलित आहार लें, नियमित व्यायाम करें और पर्याप्त नींद लें। यह आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करेगा, जिससे टिनिटस जैसी समस्याओं का जोखिम कम हो सकता है।

    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    क्या मेरे कानों में यह कान में घंटी बजना कभी बंद होगा?

    कई लोगों के लिए, tinnitus समय के साथ बेहतर हो जाता है या कम ध्यान देने योग्य हो जाता है, क्योंकि दिमाग इसे फ़िल्टर करना सीख जाता है। कुछ लोगों में यह पूरी तरह से ठीक भी हो जाता है, खासकर यदि कोई इलाज योग्य कारण मिल जाए और उसका इलाज किया जाए। इलाज का मुख्य लक्ष्य आपके जीवन पर इसके प्रभाव को कम करना है, न कि आवाज़ को पूरी तरह से खत्म करना।

    क्या कान में घंटी बजना बहरेपन का संकेत है?

    Tinnitus और hearing loss अक्सर एक साथ होते हैं क्योंकि दोनों ही inner ear को नुकसान पहुँचने के कारण हो सकते हैं। हालांकि, tinnitus होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप बहरे हो जाएंगे; सामान्य hearing वाले कई लोगों को भी tinnitus होता है। एक hearing test यह आकलन करने में मदद करेगा कि आपको hearing loss भी है या नहीं और आपके इलाज को सही दिशा देगा।

    कौन से खाद्य पदार्थ या पेय कान में घंटी बजना को बदतर बनाते हैं?

    कई tinnitus के मरीज बताते हैं कि caffeine, alcohol, नमक (जो blood pressure बढ़ाता है), और nicotine अस्थायी रूप से tinnitus को खराब कर सकते हैं। हालांकि, यह हर व्यक्ति में अलग-अलग होता है। आप 2-3 हफ्तों के लिए इनका सेवन कम करके देखें और पता करें कि क्या आपके लक्षणों में सुधार होता है।

    क्या तनाव कान में घंटी बजना का कारण बन सकता है?

    Stress सीधे तौर पर tinnitus का कारण नहीं बनता, लेकिन यह इसे काफी खराब कर देता है। जब आप stressed या anxious होते हैं, तो दिमाग tinnitus signal पर अधिक ध्यान देता है, जिससे कई मरीजों को तनावपूर्ण समय में अपना tinnitus बहुत तेज़ लगता है। Stress management, अच्छी नींद और relaxation techniques इसमें वाकई मदद करते हैं।

    क्या केवल एक कान में कान में घंटी बजना गंभीर है?

    केवल एक कान में tinnitus, खासकर उस कान में hearing loss के साथ, हमेशा पूरी तरह से जांचा जाना चाहिए। हालांकि यह अक्सर एक benign condition होती है, लेकिन कभी-कभी यह hearing nerve पर एक benign tumor (acoustic neuroma) के कारण भी हो सकता है। इस संभावना को खत्म करने के लिए brain का MRI कराने की सलाह दी जा सकती है।


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    यह जानकारी शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। यह डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। अपनी स्वास्थ्य समस्या के लिए हमेशा ENT विशेषज्ञ से मिलें।

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    Medically reviewed by: Dr. Prateek Porwal, MBBS, DNB ENT, CAMVD — Last updated: 02 April 2026

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Dr. Prateek Porwal
MBBS, DNB ENT, CAMVD — Vertigo & ENT Specialist

Founder, Prime ENT Center, Hardoi, UP. Inventor of the Bangalore Maneuver for BPPV. Only VNG + Stabilometry clinic in Central UP. Online consultations available across India — drprateekporwal.com · 7393062200

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