🩺 Docvani — हिंदी | Noida | लक्षण और पहचान
लेखक: डॉ. प्रतीक पोरवाल (Dr. Prateek Porwal), MBBS, DNB (ENT), CAMVD | अनुभव: 13+ वर्ष
Prime ENT Center — online consultation available
✅ Dr. Prateek Porwal (MBBS, DNB (ENT), CAMVD) द्वारा चिकित्सकीय समीक्षा — 2026-04-10 | अंतिम चिकित्सा समीक्षा: 2026-04-10
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गले का कैंसर की पहचान photo क्यों होता है — नोएडा
अगर आपकी आवाज़ तीन हफ़्तों से ज़्यादा समय से बैठी हुई है, या आपको गले में कुछ अटका हुआ महसूस होता है, या फिर गर्दन में कोई गांठ दिख रही है, तो यह चिंता का विषय हो सकता है। ऐसी परेशानियां आपकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी, नींद और खाने-पीने की आदतों पर बुरा असर डाल सकती हैं। मेरे Prime ENT Center में, नोएडा और आसपास के इलाकों से ऐसे कई मरीज़ आते हैं जो गले का कैंसर की पहचान photo के बारे में जानना चाहते हैं और इन लक्षणों से जूझ रहे होते हैं।
यह समझना बहुत ज़रूरी है कि गले का कैंसर, जिसे डॉक्टरी भाषा में laryngeal cancer कहते हैं, अगर समय पर पता चल जाए तो इसका इलाज संभव है।
अभी क्या करें
- घर पर राहत: अगर आपको सिर्फ़ हल्की आवाज़ में बदलाव महसूस हो रहा है और कोई और गंभीर लक्षण नहीं है, तो कुछ दिनों के लिए अपनी आवाज़ को आराम दें। ज़्यादा बोलने या चिल्लाने से बचें। गर्म पानी से गरारे करने से गले को थोड़ी राहत मिल सकती है, पर यह सिर्फ़ अस्थायी उपाय है।
- डॉक्टर को दिखाएं: यदि आपकी आवाज़ में बदलाव तीन हफ़्तों से ज़्यादा समय से है, या आपको निगलने में लगातार दिक्कत हो रही है, गले में दर्द है जो कान तक जा रहा है, या गर्दन में कोई गांठ महसूस हो रही है, तो बिना देरी किए ENT विशेषज्ञ से मिलें।
- तुरंत जाएं: अगर आपको सांस लेने में बहुत ज़्यादा दिक्कत हो रही है, खांसते समय खून आ रहा है, या गर्दन में कोई गांठ तेज़ी से बढ़ रही है, तो तुरंत इमरजेंसी में जाएं। यह गंभीर स्थिति हो सकती है जिसके लिए तत्काल मेडिकल सहायता की आवश्यकता है।
गले के कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
गले के कैंसर के शुरुआती लक्षण अक्सर इतने हल्के होते हैं कि लोग उन्हें नज़रअंदाज़ कर देते हैं, खासकर नोएडा जैसे शहर में जहां प्रदूषण और मौसमी बदलाव आम हैं। लेकिन कुछ संकेत ऐसे हैं जिन्हें कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण लक्षण आवाज़ में बदलाव है, जिसे hoarseness कहते हैं।

अगर आपकी आवाज़ तीन हफ़्तों से ज़्यादा समय से बैठी हुई है या उसमें कोई बदलाव आया है, तो यह एक चेतावनी संकेत हो सकता है।
कई बार मरीज़ों को गले में कुछ अटका हुआ महसूस होता है, जिसे globus sensation कहते हैं, या निगलने में हल्की दिक्कत होती है। कुछ लोगों को गले में लगातार दर्द भी महसूस हो सकता है, जो कभी-कभी कान तक भी जा सकता है। अगर आपको गर्दन में कोई नई गांठ महसूस हो, खासकर अगर आप धूम्रपान करते हैं या शराब का सेवन करते हैं, तो यह भी एक शुरुआती संकेत हो सकता है।
इन लक्षणों को पहचानना और समय पर डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी है।
तुरंत डॉक्टर के पास कब जाएं?
कुछ ऐसे चेतावनी संकेत होते हैं जिन्हें कभी भी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये गले के कैंसर के गंभीर लक्षण हो सकते हैं। इन स्थितियों में तुरंत ENT विशेषज्ञ से मिलना बहुत जरूरी है।
- आवाज़ में बदलाव तीन हफ़्तों से ज़्यादा: अगर आपकी आवाज़ तीन हफ़्तों से ज़्यादा समय से बैठी हुई है या उसमें कोई बदलाव आया है, तो यह laryngeal cancer का सबसे महत्वपूर्ण शुरुआती संकेत हो सकता है। मेरे क्लिनिक में ऐसे कई मरीज़ आते हैं, इसलिए आपको तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
- धूम्रपान/शराब पीने वाले 45+ उम्र के व्यक्ति में आवाज़ में बदलाव: यदि आप धूम्रपान करते हैं या शराब पीते हैं और आपकी उम्र 45 साल से ज़्यादा है, तो आवाज़ में किसी भी बदलाव को तुरंत दिखाना चाहिए, भले ही वह कुछ ही समय से हो।
- धूम्रपान/शराब पीने वाले 45+ उम्र के व्यक्ति में गर्दन में गांठ: गर्दन में कोई भी नई गांठ, खासकर अगर आप धूम्रपान या शराब का सेवन करते हैं, तो यह कैंसर के फैलने का संकेत हो सकता है।
- आवाज़ में बदलाव के साथ सांस लेने में दिक्कत: अगर आपकी आवाज़ बैठी हुई है और आपको सांस लेने में भी परेशानी हो रही है, तो यह airway में रुकावट का संकेत हो सकता है, जो एक मेडिकल इमरजेंसी है।
- निगलने में दिक्कत + कान का दर्द + आवाज़ में बदलाव: ये तीनों लक्षण एक साथ होने पर यह advanced laryngeal cancer का संकेत हो सकता है जो गले के आसपास के हिस्सों में फैल चुका है।
- खांसते समय खून आना: Haemoptysis यानी खांसते समय खून आना एक गंभीर लक्षण है और आपको इसे तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए, क्योंकि यह गले या फेफड़ों के कैंसर का संकेत हो सकता है।
- vocal fold पर persistent leukoplakia या dysplasia: अगर जांच में vocal fold पर सफेद धब्बे या असामान्य कोशिकाएं दिखती हैं, तो यह pre-malignant स्थिति हो सकती है जिसमें कैंसर में बदलने का खतरा होता है।
- FNE पर vocal cord fixation: Flexible nasendoscopy (FNE) जांच में अगर vocal cord हिल नहीं रही है, तो यह T3 या T4 laryngeal cancer का संकेत हो सकता है।
Laryngeal Cancer के लक्षण
गले का कैंसर, जिसे laryngeal cancer भी कहते हैं, के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि कैंसर गले के किस हिस्से में है। कुछ लक्षण शुरुआती होते हैं, जबकि कुछ तब दिखते हैं जब कैंसर थोड़ा बढ़ चुका होता है।
- तीन हफ़्तों से ज़्यादा समय तक आवाज़ में बदलाव: यह glottic cancer का सबसे पहला और महत्वपूर्ण लक्षण है। ट्यूमर vocal fold की सामान्य कंपन को बाधित करता है, जिससे आवाज़ की गुणवत्ता बदल जाती है।
- गर्दन में गांठ: Supraglottic cancer में अक्सर यह पहला लक्षण होता है, क्योंकि यह कैंसर तब तक कोई और लक्षण नहीं दिखाता जब तक कि यह गर्दन की lymph nodes में नहीं फैल जाता।
- ‘Hot potato’ voice: यह supraglottic cancer का एक सामान्य लक्षण है, जिसमें आवाज़ दबी हुई या मुंह में कुछ भरा हुआ जैसा महसूस होती है।
- गले में कुछ अटका हुआ महसूस होना: Subglottic cancer में शुरुआती तौर पर गले में कुछ अजीब सा या अटका हुआ महसूस हो सकता है।
- निगलने में कठिनाई और दर्द: जब कैंसर गले के आसपास की संरचनाओं में फैल जाता है, तो निगलने में दर्द और कठिनाई होने लगती है।
- कान में दर्द: यह दर्द गले से कान तक फैल सकता है, खासकर जब कैंसर बढ़ चुका हो, क्योंकि vagus nerve गले और कान दोनों को जोड़ती है।
- खांसते समय खून आना: ट्यूमर की सतह पर घाव होने पर खून निकल सकता है, जिससे खांसते समय खून आ सकता है।
- सांस लेने में कठिनाई और घरघराहट: जब ट्यूमर airway को बाधित करता है, तो सांस लेने में दिक्कत और तेज़ आवाज़ आ सकती है।
- खाना या पानी फेफड़ों में जाना: अगर vocal cord ठीक से बंद नहीं हो पाती, तो खाना या पानी निगलते समय फेफड़ों में जा सकता है।
- आवाज़ का धीरे-धीरे पूरी तरह से चले जाना: ट्यूमर के vocal cord की मांसपेशियों पर हमला करने से vocal cord पूरी तरह से हिलना बंद कर सकती है, जिससे आवाज़ पूरी तरह से बैठ जाती है।
- वजन कम होना और भूख न लगना: यह advanced cancer का संकेत है, जो निगलने में दिक्कत, दर्द और कैंसर के कारण होने वाली कमज़ोरी के कारण होता है।
Laryngeal Cancer के कारण
गले का कैंसर होने के पीछे कई कारण होते हैं, जिनमें से कुछ हमारी जीवनशैली से जुड़े हैं और कुछ पर्यावरणीय। इन कारणों को समझना गले का कैंसर की पहचान photo और बचाव के लिए बहुतजरूरी है।
- धूम्रपान (तंबाकू): यह laryngeal cancer का सबसे आम कारण है। तंबाकू के धुएं में मौजूद हानिकारक रसायन सीधे गले की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे वे कैंसरग्रस्त हो सकती हैं। अच्छी धूम्रपान छोड़ने के 20 साल बाद कैंसर का जोखिम उन लोगों के बराबर हो जाता है जिन्होंने कभी धूम्रपान नहीं किया।
- शराब का सेवन: शराब भी गले के कैंसर का एक स्वतंत्र जोखिम कारक है। अगर कोई व्यक्ति धूम्रपान और शराब दोनों का सेवन करता है, तो कैंसर का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है, सिर्फ़ जुड़ता नहीं है।
- Laryngeal dysplasia: यह गले की कोशिकाओं में होने वाले बदलाव हैं जो कैंसर में बदल सकते हैं। हल्के से गंभीर dysplasia तक की स्थिति कैंसर में बदल सकती है, और ज़्यादातर मामलों में यह invasive carcinoma में बदल जाती है।
- व्यावसायिक जोखिम: कुछ व्यवसायों में काम करने वाले लोग, जैसे asbestos, लकड़ी की धूल या पेंट के धुएं के संपर्क में आने वाले लोग, उन्हें भी गले का कैंसर होने का खतरा ज़्यादा होता है।
- LPR/GERD: पेट के एसिड का गले तक पहुंचना (LPR या GERD) भी गले की कोशिकाओं में बदलाव को बढ़ावा दे सकता है, जिससे कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है।
गले का कैंसर की पहचान photo में इस समस्या के स्थानीय कारण
नोएडा में रहने वाले लोगों के लिए कुछ स्थानीय कारक भी गले के कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं:
- वायु प्रदूषण: नोएडा में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण का स्तर बहुत ज़्यादा होता है। हवा में मौजूद सूक्ष्म कण और रसायन गले की कोशिकाओं को लगातार नुकसान पहुंचा सकते हैं।
- धूल भरी आंधियां: प्री-मॉनसून के दौरान नोएडा में धूल भरी आंधियां चलती हैं, जिससे हवा में धूल और अन्य प्रदूषक बढ़ जाते हैं, जो गले की irritation और संभावित cellular changes का कारण बन सकते हैं।
- जीवनशैली: नोएडा की तेज़-तर्रार जीवनशैली में अक्सर तनाव और अनहेल्दी खाने की आदतें शामिल होती हैं, जो अप्रत्यक्ष रूप से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं।
- तंबाकू और शराब का सेवन: शहरी क्षेत्रों में धूम्रपान और शराब का सेवन करने वाले लोगों की संख्या अधिक होती है, जो गले के कैंसर के प्रमुख जोखिम कारक हैं।
जांच और निदान
जब आप गले के कैंसर के लक्षणों के साथ मेरे Prime ENT Center में आते हैं, तो सबसे पहले मैं आपकी पूरी मेडिकल हिस्ट्री लेता हूँ। मैं आपसे आपकी आवाज़ में बदलाव, निगलने में दिक्कत, धूम्रपान और शराब के सेवन की आदतों के बारे में विस्तार से पूछता हूँ। इसके बाद, गले का कैंसर की पहचान photo के लिए कुछ खास जांचें की जाती हैं।
सबसे पहली जांच Flexible nasendoscopy (FNE) होती है। इसमें एक पतली, लचीली ट्यूब जिसके सिरे पर कैमरा लगा होता है, उसे आपकी नाक के रास्ते गले तक डाला जाता है। इससे मैं vocal folds, गले के अन्य हिस्सों और किसी भी असामान्य गांठ या सूजन को सीधे देख पाता हूँ।
यह जांच vocal cord की गतिशीलता को भी दिखाती है। अगर FNE में कुछ संदिग्ध दिखता है, तो आगे की जांच के लिए Rigid endoscopy under GA की जाती है। यह ऑपरेशन थिएटर में जनरल एनेस्थीसिया के तहत की जाती है, जिसमें ट्यूमर के सटीक आकार और स्थान का पता चलता है और बायोप्सी लेकर कैंसर की पुष्टि की जाती है।
कैंसर के फैलाव को देखने के लिए CT scan या MRI जैसे इमेजिंग टेस्ट किए जाते हैं। MRI cartilage में कैंसर के फैलाव को देखने में CT से ज़्यादा संवेदनशील होता है। CT thorax फेफड़ों में कैंसर के फैलाव या किसी और कैंसर की जांच के लिए किया जाता है, क्योंकि धूम्रपान करने वालों में फेफड़ों के कैंसर का भी जोखिम होता है।
कुछ मामलों में, PET-CT स्कैन भी किया जा सकता है, जो शरीर में कहीं भी कैंसर कोशिकाओं का पता लगाने में मदद करता है। इन सभी जांचों से हमें कैंसर की सही स्टेज का पता चलता है और इलाज की योजना बनाने में मदद मिलती है।
इलाज के विकल्प
गले के कैंसर का इलाज कैंसर के प्रकार, उसकी स्टेज और आपके स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। अच्छी शुरुआती स्टेज में पता चलने पर इलाज के कई प्रभावी विकल्प उपलब्ध हैं।
डॉक्टर का इलाज
शुरुआती glottic cancer (T1) के लिए, Transoral laser microsurgery (TLM) या Radiotherapy जैसे विकल्प बहुत प्रभावी होते हैं। TLM में लेज़र का उपयोग करके ट्यूमर को हटाया जाता है, जबकि रेडिएशन थेरेपी में कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए उच्च-ऊर्जा किरणों का उपयोग किया जाता है। T3 laryngeal cancer के लिए, डॉक्टर अक्सर Concurrent chemoradiotherapy का सुझाव देते हैं, जिसमें कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी एक साथ दी जाती है ताकि गले को बचाया जा सके।
कैंसर के बढ़ने पर Open partial laryngectomy या Total laryngectomy जैसी सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है। सर्जरी के बाद, कैंसर के दोबारा होने के जोखिम को कम करने के लिए Adjuvant radiotherapy/chemoradiotherapy दी जा सकती है।
सर्जरी कब?
सर्जरी तब की जाती है जब कैंसर बड़ा हो या अन्य उपचारों से ठीक न हो पाए। शुरुआती glottic cancer के लिए TLM एक मिनिमली इनवेसिव सर्जरी है। अगर कैंसर vocal cord के एक हिस्से तक सीमित है, तो Open partial laryngectomy की जा सकती है, जिसमें गले के सिर्फ़ कैंसरग्रस्त हिस्से को हटाया जाता है।
लेकिन अगर कैंसर बहुत ज़्यादा फैल गया है और vocal cords को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है, तो Total laryngectomy की आवश्यकता हो सकती है, जिसमें पूरा voice box हटा दिया जाता है। Supraglottic cancer के लिए, गर्दन की lymph nodes में फैलाव के जोखिम के कारण Neck dissection भी की जा सकती है। यदि रेडिएशन थेरेपी के बाद कैंसर दोबारा होता है, तो Salvage total laryngectomy अंतिम विकल्प हो सकता है।
घर पर क्या करें, क्या न करें?
गले के कैंसर के इलाज के दौरान और बाद में, घर पर कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है ताकि आप बेहतर महसूस कर सकें और इलाज के परिणामों में सुधार हो सके।
क्या करें
- धूम्रपान तुरंत छोड़ दें: धूम्रपान छोड़ना सबसे महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल कैंसर के जोखिम को कम करता है, बल्कि इलाज के परिणामों में भी सुधार करता है और दोबारा कैंसर होने की संभावना को घटाता है।
- शराब का सेवन बंद करें या कम करें: शराब का सेवन भी कैंसर के जोखिम को बढ़ाता है। इसे पूरी तरह से बंद करना या बहुत कम करना आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होगा।
- सभी फॉलो-अप अपॉइंटमेंट पर जाएं: इलाज के बाद नियमित जांचें बहुत ज़रूरी हैं ताकि कैंसर के दोबारा होने के किसी भी संकेत का समय पर पता चल सके। यह निगरानी जीवन भर चलती है।
- किसी भी नए लक्षण की तुरंत रिपोर्ट करें: अगर आपको आवाज़ में कोई नया बदलाव, निगलने में दिक्कत या गर्दन में कोई नई गांठ महसूस होती है, तो तुरंत अपने डॉक्टर को बताएं।
- अच्छा पोषण लें: इलाज के दौरान और बाद में, उच्च-कैलोरी और उच्च-प्रोटीन वाला आहार लेना ज़रूरी है ताकि शरीर को ठीक होने में मदद मिल सके।
- रेडिएशन थेरेपी के दौरान मुंह और गले की देखभाल करें: नमकीन पानी से गरारे करें और मसालेदार या अम्लीय भोजन से बचें ताकि मुंह और गले में होने वाले साइड इफेक्ट्स को कम किया जा सके।
क्या न करें
- इलाज के दौरान धूम्रपान जारी रखना: धूम्रपान जारी रखने से इलाज की प्रभावशीलता कम हो जाती है और साइड इफेक्ट्स बढ़ जाते हैं।
- नए लक्षणों को नज़रअंदाज़ करना: यह सोचना कि “यह सिर्फ़ इलाज के साइड इफेक्ट्स हैं” खतरनाक हो सकता है। किसी भी नए या बिगड़ते लक्षण को तुरंत डॉक्टर को बताएं।
- फॉलो-अप अपॉइंटमेंट छोड़ना: नियमित जांचें कैंसर के दोबारा होने का पता लगाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। इन्हें कभी न छोड़ें।
- सिद्ध मेडिकल इलाज के बजाय वैकल्पिक/हर्बल उपचारों का उपयोग करना: ये उपचार वैज्ञानिक रूप से प्रभावी साबित नहीं हुए हैं और आपके मुख्य इलाज में देरी कर सकते हैं।
- इलाज में देरी करना: कैंसर तेज़ी से बढ़ सकता है। दूसरे राय के लिए महीनों तक इलाज में देरी करना खतरनाक हो सकता है।
WHO और AAO-HNS की guidelines के अनुसार, इस तरह के लक्षणों में ENT specialist से जाँच कराना ज़रूरी है।
बचाव
नोएडा जैसे शहरी वातावरण में गले के कैंसर से बचाव के लिए हमें कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए। दरअसल, यहां की जीवनशैली और पर्यावरणीय कारक कुछ जोखिमों को बढ़ा सकते हैं।
- वायु प्रदूषण से बचाव: नोएडा में प्रदूषण का स्तर अक्सर ज़्यादा रहता है। बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग करें, खासकर सर्दियों में जब smog ज़्यादा होता है। घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का उपयोग करने पर विचार करें।
- धूम्रपान और शराब से पूरी तरह बचें: यह सबसे प्रभावी बचाव का तरीका है। अगर आप धूम्रपान करते हैं, तो उसे तुरंत छोड़ दें। शराब का सेवन भी सीमित करें या बंद कर दें।
- स्वस्थ आहार लें: अपने आहार में ताज़े फल और सब्ज़ियां शामिल करें। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद करता है।
- HPV वैक्सीन लगवाएं: कुछ गले के कैंसर HPV के कारण होते हैं। HPV वैक्सीन लगवाने से इन प्रकार के कैंसर से बचाव में मदद मिल सकती है।
- व्यावसायिक जोखिमों से सुरक्षा: यदि आपका काम धूल, रसायन या अन्य हानिकारक पदार्थों के संपर्क में आता है, तो हमेशा उचित सुरक्षा उपकरण (जैसे मास्क) का उपयोग करें।
अस्वीकरण
यह लेख सिर्फ शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह से डॉक्टर की सलाह, जांच या इलाज की जगह नहीं ले सकता। कोई भी दवाई या इलाज अपने डॉक्टर की सलाह के बिना शुरू या बंद न करें।
ऑनलाइन परामर्श के लिए Dr. Prateek Porwal से संपर्क करें: 7393062200 (WhatsApp/Call)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
गले के कैंसर के इलाज के दौरान घर पर बेहतर महसूस करने के लिए मैं क्या कर सकता हूँ?
उपचार के दौरान, नरम, आसानी से निगले जा सकने वाले खाद्य पदार्थ खाकर और हाइड्रेटेड रहकर अच्छा पोषण बनाए रखना महत्वपूर्ण है। तंबाकू और शराब से बचना बहुत ज़रूरी है, और मुंह की हल्की देखभाल साइड इफेक्ट्स को मैनेज करने में मदद कर सकती है। घर पर देखभाल और लक्षणों के प्रबंधन के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की विशेष सलाह का पालन करें।
मुझे अपने गले के लक्षणों के बारे में कब चिंता करनी चाहिए और तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
यदि आपको लगातार गले में खराश, आवाज़ में भारीपन, या निगलने में कठिनाई है जो कुछ हफ्तों से अधिक समय तक रहती है, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर को दिखाना चाहिए। यदि आपको अचानक सांस लेने में कठिनाई, खून की खांसी, या गर्दन में तेज़ी से बढ़ती हुई गांठ का अनुभव होता है, तो तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। ये किसी गंभीर समस्या के संकेत हो सकते हैं।
क्या इलाज के बाद गले का कैंसर वापस आ सकता है?
हाँ, सफल उपचार के बाद भी गले के कैंसर का दोबारा होना संभव है। इसीलिए अपने डॉक्टर के साथ नियमित फॉलो-अप अपॉइंटमेंट बहुत महत्वपूर्ण हैं। ये जांचें दोबारा होने के किसी भी लक्षण पर नज़र रखने में मदद करती हैं और ज़रूरत पड़ने पर शुरुआती हस्तक्षेप की अनुमति देती हैं।
मैं गले के कैंसर होने की अपनी संभावनाओं को कैसे कम कर सकता हूँ?
गले के कैंसर को रोकने के सबसे प्रभावी तरीके सभी तंबाकू उत्पादों से बचना और शराब का सेवन सीमित करना है। HPV के खिलाफ टीका लगवाना भी कुछ प्रकार के गले के कैंसर को रोकने में मदद कर सकता है। फलों और सब्जियों से भरपूर स्वस्थ आहार लेना भी सुरक्षात्मक भूमिका निभा सकता है।
क्या गले का कैंसर संक्रामक है?
नहीं, गले का कैंसर संक्रामक नहीं है। आप इसे किसी अन्य व्यक्ति से करीबी संपर्क, भोजन साझा करने या किसी अन्य माध्यम से नहीं पकड़ सकते। यह आपके अपने शरीर की कोशिकाओं के भीतर होने वाले परिवर्तनों के कारण होता है।
क्या गले का कैंसर होने पर मेरी आवाज़ पूरी तरह चली जाएगी?
ज़रूरी नहीं। आपकी आवाज़ पर प्रभाव कैंसर के आकार और स्थान और आपके द्वारा प्राप्त उपचार के प्रकार पर निर्भर करता है। जबकि कुछ उपचार आपकी आवाज़ को प्रभावित कर सकते हैं, कई लोग बोलने की अपनी क्षमता बनाए रखते हैं, कभी-कभी वॉयस थेरेपी या अन्य तरीकों की मदद से। आपके डॉक्टर आपसे संभावित आवाज़ परिवर्तनों पर चर्चा करेंगे।
अपने ENT specialist से ज़रूर मिलें।
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